जागरण संवाददाता, मोहाली : 23 जून को सेक्टर-67 नगर निगम के ऑफिस के सामने वाली रोड पर छबील पीने आई सात साल की बच्ची को एक कार चालक ने हिट कर दिया था। हादसे में बच्ची के सिर में गहरी चोट लगी थी। उस समय तो कार चालक ने कुंभड़ा की रहने वाली लक्ष्मी को अपनी कार में फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया था। लेकिन बाद में उसे वहा से चंडीगढ़ पीजीआइ रेफर करवा दिया था। लेकिन उसके बाद थाना फेज-11 पुलिस के अनुसार समझौता हो गया था। अब हालत यह है कि बच्ची कोमा में चली गई है और डॉक्टरों का कहना है कि इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता कि उसे कब होश आए। कई साल भी लग सकते हैं। बच्ची के माता-पिता लेबर का काम करते हैं। चालक अब बच्ची का इलाज करवाने से मुकर गया है। उसका कहना है कि पुलिस ने उनका समझौता करवा दिया। शुक्रवार को पीजीआइ से बच्ची को सिविल अस्पताल फेज-6 भेज दिया गया है, जहा पर एडमिट किया गया है। आरोप है कि हादसे के बाद थाना फेज-11 के एएसआइ गुरनाम सिंह कार चालक अमृतपाल सिंह की मदद करने में जुट गए थे। हादसे के बाद कार फोर्टिस अस्पताल में खड़ी थी, जबकि कार चालक को उसके परिवार वालों ने मौके से गायब कर दिया था। जब बच्ची को फोर्टिस ले जाया गया, उसी दिन उन्हें फेज-11 थाने बुलाया और एएसआइ गुरनाम ने कहा कि कार चालक बच्ची का पूरा इलाज करवाएगा। यह बोल समझौते पर साइन करवा लिए। जिसके बाद कार चालक वहा से चला गया। कुंभड़ा के पार्षद रविंदर सिंह बिंद्रा इस मामले में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल से भी मिले। एसएसपी को बिंद्रा ने बताया कि पुलिस कार चालक की मदद के लिए क्षतिग्रस्त कार को भी रिकॉर्ड में बदलने का प्रयास कर रही है, क्योंकि कार का बीमा नहीं है। एसएसएपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि एसएचओ से बोलकर एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी। जो समझौता हुआ था, उसमें यही लिखा गया था कि कार चालक बच्ची का इलाज करवाएगा। अगर अब इलाज नहीं करवा रहा, तो कार्रवाई की जाएगी।

-गुरनाम सिंह, जाच अधिकारी, थाना फेज-11

Posted By: Jagran

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