चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा सिविल सर्विसेज (ज्यूडिशियल) पेपर लीक मामले में आरोपित सुनील चोपड़ा के बाद अब दो और आरोपितों आयुषी और कुलदीप ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपील की है कि पेपर लीक मामला चंडीगढ़ जिला अदालत से दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए।

इससे पहले आरोपित सुनील चोपड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें हाई कोर्ट ने जिला अदालत को रोजना सुनवाई कर तीन हफ्ते में सभी आरोपितों पर आरोप तय करने के लिए कहा था। इसके बाद जिला अदालत ने सभी आरोपितों पर रोजाना सुनवाई करने के बाद आरोप तय कर दिए थे। सुनील की याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई होगी। वहीं आयुषी और कुलदीप की याचिका पर 30 मार्च को सुनवाई होगी।

याचिका में आयुषी और कुलदीप ने कहा है कि सरकारी वकील हाई कोर्ट में झूठे बयान दे रहे हैं। इस वजह से हाई कोर्ट ने इस केस को सुपरवाइज करना शुरू कर दिया है। एक तरफ तो आरोपितों पर आरोप तय करने के लिए पुलिस कोर्ट में बहस करती है तो दूसरी तरफ उन्हें पेपर लीक मामले से संबंधित दस्तावेज भी नहीं दिए जाते। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट आरोपितों की बात को सुने बिना ही अपना फैसला सुना देती है। ऐसे में वह चाहते है कि उनके साथ न्याय हो और केस को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई के लिए भेज दिया जाए।

सुमन की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपने स्तर पर जांच की। इसमें पाया कि हाई कोर्ट के ही रिक्रूटमेंट सेल के इंचार्ज रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर साल भर में सैकड़ों बार बात हुई है और सुनीता ही परीक्षा में टॉपर रही थी।

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