सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़ : जिस सरकारी मकान में कभी रहे नहीं, उसका लाइसेंस और रेंट पेनल्टी 12 प्रतिशत ब्याज के साथ जमा कराने का नोटिस दिया गया है। अगर यह पेनल्टी जमा नहीं हुई तो सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन को रोक दिया जाएगा। ऐसा ही मामला देखने को मिला है शहर के सरकारी स्कूल में कार्यरत तबला इंस्ट्रक्टर स्वर्ण सिंह कंबोज के साथ। स्वर्ण सिंह कंबोज 1995 से सेक्टर-20 के 2403 नंबर मकान में रहते थे। 2018 में मोहाली में अपना घर बनाने के बाद 16 जनवरी को यह सरकारी मकान खाली कर दिया गया। उसके बावजूद स्वर्ण सिंह कंबोज को 2435 नंबर मकान की लाइसेंस और रेंट फीस ब्याज के साथ जमा कराने के निर्देश जारी हुए हैं। यह पेनल्टी पांच हजार रुपये के करीब है। नोटिस में क्लीयर किया गया है कि यदि यह पेनल्टी जल्द नहीं भरी जाती तो सेवानिवृत्ति के बाद स्वर्ण सिंह कंबोज की पेंशन रोक दी जाएगी। स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि यह नोटिस किस आधार पर आ रहे हैं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मैंने जिस समय अपना मकान खाली किया तो बिजली और पानी तक को सरेंडर को दिया था। इसके बाद अब दूसरे मकान के नोटिस वर्ष 1999 से कैसे आ रहे हैं, मेरी समझ से बाहर हैं। पीएम को पत्र लिख यूटी प्रशासन की शिकायत

स्वर्ण सिंह कंबोज ने यूटी प्रशासन के हाउस अलॉटमेंट विभाग के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर शिकायत की है। जिसमें कहा गया है कि यूटी प्रशासन की तरफ से उन्हें जान-बूझकर परेशान किया जा रहा है।

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