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पंजाब निकाय चुनावों के लिए 75 हजार जवानों का कड़ा पहरा, संवेदनशील इलाकों पर होगी विशेष नजर

Published: Mon, 18 May 2026 10:31 AM (IST)

पंजाब में निकाय चुनावों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 75 हजार से अधिक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।

निकाय चुनाव के लिए सुरक्षा का बड़ा बंदोबस्त (प्रतीकात्मक फोटो)

निकाय चुनाव के लिए सुरक्षा का बड़ा बंदोबस्त (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. निकाय चुनाव में 75 हजार से अधिक कर्मी तैनात।

  2. 35 हजार पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था संभालेंगे।

  3. संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में नगर निगम, नगर कौंसिल को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। राज्य चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए इस बार 75 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की है। चुनाव को लेकर प्रदेश भर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और कई स्थानों पर तनावपूर्ण

घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जानकारी के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान करीब 35 हजार पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया जाएगा। ये कर्मचारी मतदान केंद्रों, संवेदनशील इलाकों, नामांकन केंद्रों और मतगणना स्थलों पर सुरक्षा संभालेंगे।

इसके अलावा करीब 35,500 कर्मचारी सीधे चुनाव ड्यूटी में लगाए जाएंगे, जो मतदान दलों की आवाजाही, बूथ प्रबंधन और चुनावी सामग्री की निगरानी करेंगे। राज्य स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है।

राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम निकाय चुनाव

इस बार निकाय चुनाव को राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सेमिफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और शिअद ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। कई शहरों में टिकट वितरण को लेकर दलों के भीतर असंतोष भी सामने आया है, जिससे निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है और मुकाबला रोचक बन गया है।

राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न निकायों में 10,809 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें नगर निगमों में 2,154, नगर कौंसिलों में 7,334 और नगर पंचायतों में 1,321 उम्मीदवार शामिल हैं। सबसे अधिक मुकाबला नगर कौंसिल क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां कई वार्डों में सीधी टक्कर बन चुकी है।

हाल के दिनों में कुछ जिलों से नामांकन के दौरान तनाव और विरोध की घटनाएं भी सामने आई हैं। फिरोजपुर के मुदकी में विपक्षी दलों ने उम्मीदवारों को धमकाने और नामांकन से रोकने के आरोप लगाए हैं, जबकि देरा बाबा नानक में कांग्रेसी नेता के घर पर फायरिंग के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।

संवेदनशील बूथों की अलग सूची तैयार 

इन घटनाओं को देखते हुए आयोग ने जिला प्रशासन को संवेदनशील बूथों की अलग सूची तैयार करने और अतिरिक्त फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ फ्लैग मार्च, नाकेबंदी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त भी कराई जाएगी, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। 19 में को नामांकन वापस लिए जाएंगे।