जागरण संवाददाता, मोहाली : मोहाली नगर निगम के 200 विकास कार्यो के टेंडर अधर में अटके पड़े हैं। उधर अब 54.11 लाख रुपये के विकास कार्य भी रुक गए हैं। निगम को ब्याज सहित ये पैसा पंजाब इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड (पीआइडीबी) को वापस करने के आदेश दिए गए हैं। इससे निगम के साथ-साथ शहर के विकास के कार्यो को झटका लगा है। निगम की तरफ से शहरी वातावरण सुधार के अधीन कुल 46 कामों के प्रस्ताव तैयार करके डिप्टी कमिश्नर को भेजे गए थे। यह काम करीब 1209.62 लाख रुपये के थे। इसके बाद कुल 13 कामों के लिए प्रस्ताव 218.20 लाख की तकनीकी वेटिग करवाई गई। वहीं, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर की तरफ से 13 कामों के खिलाफ 25 फीसद राशि के अनुसार 54.11 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके बाद हाउस की मीटिग में उक्त प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। जिसके बाद डीसी मोहाली की तरफ से फैसला लिया गया है कि उक्त काम नगर निगम मोहाली से लेकर पीडब्ल्यूडी को दिए जाते हैं। फिर डीसी की तरफ से उक्त टेंडर कैंसिल कर दिए गए थे। निगम की ओर से टेंडर जारी करने के लिए विनती भी की गई। इसके बाद एडीसी विकास की तरफ से निगम को पत्र लिखा गया कि उक्त कामों के लिए जो 54.11 लाख रुपये और ब्याज राशि साहित वातावरण सुधार प्रोग्राम के अधीन पीआइडी को वापस करने के आदेश दिए गए हैं। इस दौरान जो काम रुके हुए हैं।

विकास कार्यो को लेकर राजनीति जोरों पर

उसमें पुलिस कॉलोनी फेज आठ, पीसीए स्टेडियम के बैक साइड वाले काम, स्ट्रीट लाइटों का काम समेत कई डेवलपमेंट के काम हैं। यह काम विभिन्न हिस्सों में होना था, जो इस दौरान रुकेंगे। वह काफी मेहनत से किए जाएंगे। ध्यान रहे कि शहर के विकास कार्यो को लेकर राजनीति भी पूरे जोरों पर है। दो सौ विकास कार्यों के टेंडर रुकने पर जहां एक तरफ अकाली दल-बीजेपी वाले धरना तक दे चुके हैं। वहीं, मेयर कुलवंत सिंह सीधे कह रहे हैं कि इसके पीछे राजनीति चल रही है। क्योंकि नगर निगम का कार्यकाल जल्दी ही पूरा होने वाला है। इस काम को लेकर क्रेडिट वार होगी।

Posted By: Jagran

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