चंडीगढ़, [राजेश ढल्ल]। काेरोना के बढ़ते प्रकाेप के बीच इसे मात देने के लिए रिसर्च और वैज्ञानिक तैयारी में जुट गए हैं। देशभर के 425 से अधिक रिसर्च स्कॉलर और साइंटिस्ट कोरोना से मिलकर लड़ने के लिए आगे आए हैं। इन रिसर्च स्कॉलर और साइंटिस्ट ने देश भर में कोरोना टेस्ट के लिए वॉलंटियर्स के रूप में अपनी सेवाएं देने का ऑफर दिया है। इसके लिए देशभर की यूनिवर्सिटी और साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की लैब कोरोना टेस्ट के लिए खोलने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।

पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रो बायोलॉजी डिपार्टमेंट के रिसर्च स्कॉलर ने बनाया ग्रुप

पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रो बायोलॉजी डिपार्टमेंट के रिसर्च स्कॉलर नीरज पंत और फरवरी में ही चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी से लौटे रिसर्च स्कॉलर विजय ने महज डेढ़ दिन में ही देश भर के 425 रिसर्च स्कॉलर और साइंटिस्ट को अपने साथ जोड़ लिया है। देश भर के रिसर्च स्कॉलर के ग्रुप में माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, बायो केमिस्ट्री, माइक्रोबाय टेक्नोलॉजी के जूनियर रिसर्च फेलो, सीनियर रिसर्च फेलो और साइंटिस्ट जुड़े हैं।

रिसर्च लैब में आरटी पीसीआर और एलिजा रीडर जैसे उपकरण टेस्टिंग के लिए मौजूद

इस ग्रुप को गूगल फोरम के जरिए तैयार करने वाले रिसर्च स्कॉलर नीरज पंत के अनुसार देश में इस समय सबसे बड़ी चुनौती कोविड-19 की टेस्टिंग है। देश भर की यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूट्स की रिसर्च लैब में आरटी पीसीआर और एलिजा रीडर जैसे उपकरण टेस्टिंग के लिए मौजूद हैं। रिसर्च लैब का प्रयोग कोविड-19 के टेस्‍ट के लिए हो सकेगा। कोविड-19 की जो स्वदेशी किट आई है उसके जरिए रिसर्च लैब में मौजूद किसी भी आरटी पीसीआर में टेस्टिंग हो सकती है।

पंजाब यूनिवर्सिटी के स्लॉकर नीरज पंत और विजय।

पीयू ने प्रशासन को पहले भी दिया था ऑफर

पीयू ने पहले ही चंडीगढ़ प्रशासन को अपनी लैब का इस्तेमाल टेस्टिंग के लिए करने का ऑफर दिया है। पीयू के पास हाई सिक्योरिटी लेवल-2 लैब है। नीरज पंत और विजय के अनुसार देशभर के रिसर्च स्कॉलर एक वॉलिंटियर्स के रूप में टेस्टिंग के लिए सेवाएं देने को तैयार हैं। चंडीगढ़ और इसके आसपास के इलाकों में ही कई रिसर्च इंस्टीट्यूट हैं। पीयू के अलावा नाइपर, आइसर, इमटेक, सीएसआइओ जैसे रिसर्च इंस्टीट्यूट में लैब की सुविधाएं मौजूद है।

फ्री में अपनी सेवाएं देने को हैं तैयार

नीरज पंत के अनुसार देश की लगभग सभी बड़ी यूनिवर्सिटी तथा रिसर्च इंस्टीट्यूट की लैब में सरकार द्वारा दिए गए रियल टाइम पीसीआर पड़े हैं। अधिकतर लैब में यह पीसीआर बंद पड़े हैं। देश में जो कोविड-19 के टेस्ट के लिए एक हफ्ते में एक लाख किट तैयार हो रही है। एक किट से 100 सैंपल लिए जा सकते हैं।

रिसर्च स्कॉलर विजय का कहना है कि देश में संसाधन भी हैं और स्किल्ड मैनपावर भी। ऐसे में सरकार को सभी यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूट की लैब को टेस्टिंग के लिए ओपन कर देना चाहिए। उनके फोरम में जुड़े रिसर्च स्कॉलर और साइंटिस्ट देश के हर बड़े शहर में मौजूद है। यह सभी देश के लिए फ्री में अपनी सेवा देने को तैयार है।

 

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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