जासं, चंडीगढ़। पीजीआइ के 35वें दीक्षा समारोह में शनिवार को शोध और शैक्षणिक क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 35 डॉक्टर्स और छात्रों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा थे। उन्होंने 1886 छात्रों को डिग्री सौंपी। 126 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी दी गई।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीजीआई का गौरवमयी इतिहास रहा है। अब नए डॉक्टरों की जिम्मेदारी बनती है कि इस संस्थान की प्रतिष्ठा को और आगे बढ़ाएं। इससे पहले पीजीआई के डायरेक्टर प्रो.जगत राम ने दीक्षा समारोह की विधिवत शुरुआत करवाई।

डॉक्टरों के चेहरे पर छलकी खुशी

गोल्ड मेडल और डिग्री मिलने के बाद डॉक्टरों के चेहरे पर खुशी स्पष्ट नजर आई। डॉ. सुनीता प्रियदर्शनी ने बताया कि आज उन्हें अपनी वर्षों की मेहनत का परिणाम मिला है। इससे बेहतर और बढ़िया औऱ कुछ नहीं हो सकता। इस दौरान कई डॉक्टर एक-दूसरे को बधाई देते भी नजर आए।

तीन वर्ष बाद हुआ दीक्षा समारोह

पीजीआई में इससे पहले 2015 में दीक्षा समारोह का आयोजन हुआ था। इसके बाद तीन वर्ष तक दीक्षा समारोह नहीं हो सका था। बताया जा रहा है कि मुख्य अतिथि न मिलने के कारण इसे बार-बार रद किया गया। वर्ष 2019 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की स्वीकृति मिलने के बाद दीक्षा समारोह की आखरी तारीख की घोषणा प्रबंधन की ओर से की गई थी।

Posted By: Pankaj Dwivedi

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