जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ के 42 सीनियर सेकेंडरी स्कूल में इस बार 11वीं कक्षा में करीब 14 हजार स्टूडेंट्स को एडमिशन दी गई है। 19 हजार से ज्यादा बच्चों ने एडमिशन के लिए अप्लाई किया था। दो काउंसलिंग के बावजूद ढाई हजार स्टूडेंट्स दाखिले से वंचित रह गए हैं। वहीं सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 11वीं कक्षा में एडमिशन पा चुके सभी स्टूडेंट्स का 30 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य कर दिया है। 
ऐसे में जिन स्टूडेंट्स को एडमिशन नहीं मिला है उनके अभिभावकों ने आज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सेक्टर-19 में पहुंचकर हंगामा किया। अभिभावकों का कहना है कि कई बच्चों को 10वीं में कंपार्टमेंट थी, जो कि पेपर क्लियर कर चुके हैं। बावजूद उन्हें 11वीं कक्षा में दाखिला नहीं दिया गया। अभिभावकों के अनुसार यदि 30 सितंबर तक स्कूल रजिस्ट्रेशन नहीं कराते तो विद्यार्थी को सीबीएसई के पास रजिस्ट्रेशन के लिए दो हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। 
आज करीब 500 अभिभावक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में अपने बच्चों की एडमिशन को लेकर शिकायत करने पहुंचे थे। 
शिक्षा विभाग ने एडमिशन पर लगाई रोक
शिक्षा विभाग के पास 11वीं और 12वीं कक्षा के 31 हजार स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए कुल 238 शिक्षक हैं। यह शिक्षक सभी कक्षाओं को एक साथ पढ़ाई नहीं करवा सकते। इसी प्रकार से स्कूलों का दायरा छोटा है जिसके चलते 40 विद्यार्थियों का सेक्शन बनाकर क्लासरूम में विद्यार्थियों को बिठाना चुनौती है। ऐसे में विभाग ने 14 हजार स्टूडेंट्स को एडमिशन देने के बाद दाखिला प्रक्रिया बंद कर दी है। शहर के कई स्कूल में क्लारूम कम पड़ रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पीजीटी के बजाए जेबीटी शिक्षक नियुक्त कि हैं।
पीजीटी भर्ती के लिए नहीं मिली विभाग को मंजूरी
शिक्षा विभाग में 1400 शिक्षकों की कमी है। विभाग ने लेक्चरर्स के खाली पड़े पदों को भरने के साथ के अलावा नए पदों कि सृजन के लिए भी मिनिस्टरी आफ आफ होम अफेयर को अपील की थी लेकिन उसकी मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में विभाग भी परेशान है कि यदि इन विद्यार्थियों को दाखिला दिया तो उनकी पढ़ाई किस प्रकार से व्यवस्थित होगी।

Edited By: Ankesh Thakur

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