चंडीगढ़, [बलवान करिवाल]। World Tourism Day: अगर आप चंडीगढ़ के नागरिक हैं या अकसर चंडीगढ़ आते हैं तो एक चीज है जो शायद अभी तक आप देख न पाए हों। शायद आपको मालूम भी न हो कि चंडीगढ़ कोस्टल सिटी न होकर भी यहां शिप पोर्ट है, इस पोर्ट पर समुद्री जहाज आकर रुकते हैं। चकित रह गए न चलिए आपको बताते हैं कि आखिर कहां है यह शिप पोर्ट और समुद्री जहाज। अगर सुखना लेक सोच रहे हैं तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। लेक के साथ ही कैपिटल कांपलेक्स स्थित है। इसी कैपिटल कांप्लेक्स में शिपपोर्ट और समुद्री जहाज का राज छिपा है। कैपिटल कांप्लेक्स के इसी अनूठे स्वरूप की वजह से यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित कर रखा है।

पंजाब एंड हरियाणा लेजिस्लेटिव असेंबली को समुद्री जहाज की शेप में बनाया गया है। इसका बाहरी आकार और टेरिस दूर से समुद्री जहाज का एहसास कराता है। डिजाइन इस तरह से किया गया है कि इसमें हवा और सूर्य का प्रकाश आसानी से प्रवेश कर सकता है। ताकि ऊर्जा की बचत हो। आर्किटेक्ट कार्बूजिए फ्रांस के नागरिक थे। इसलिए विधानसभा का मेन गेट स्पेशल फ्रांस से आया था। ली कार्बुजिए ने खुद इसे पेंट किया था। अभी भी इसमें भरे रंग कार्बूजिए के ही हैं। 

इस शिप पोर्ट पर रुकते हैं समुद्री जहाज 

विधानसभा के सामने ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट है। विधानसभा जहां समुद्री जहाज जैसी शेप में है तो हाईकोर्ट का डिजाइन शिप पोर्ट जैसा है। ऐसा लगता है मानों समुद्री जहाज यहीं से निकला है। इसकी खासियत डबल रूफ है। टेरिस को शेल्टर जैसी शक्ल दी है। इसे शेल्टर ऑफ जस्टिस भी कहते हैं। यानी ऐसा शेल्टर जिसके नीचे हर कोई बराबर है। हर किसी को न्याय मिलेगा। लाल, हरे, पीले और काले रंग के पिलर सभी को आकर्षित करते हैं। पत्थरों से बनी दीवारों में सैकड़ों रोशनदान और खिड़कियां पारदर्शी कार्यप्रणाली का संदेश देती हैं। खर्च कम करने के लिए रैंप बनाया है।

सेक्रेटेरिएट में सेवन स्टार होटल से ज्यादा रूम

कैपिटल कांप्लेक्स की तीसरी अहम बिल्डिग पंजाब एंड हरियाणा सेक्रेटेरिएट है। यह चंडीगढ़ की सबसे ऊंची बिल्डिग भी है। इस बिल्डिग में किसी भी सेवन स्टार होटल से ज्यादा वीआईपी रूम हैं। इसके निर्माण में ऐसी सामग्री है कि तेज भूकंप में बिल्डिग ढहेगी नहीं बल्कि एक तरफ झुक जाएगी।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ का ब्रेन कहे जाने वाले कैपिटल कांप्लेक्स में हर बिल्डिग और मॉन्यूमेंट एक खास संदेश समेटे है। चंडीगढ़ के निर्माता आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने सन, स्पेस और साइलेंस के फार्मूले पर सिटी ब्यूटीफुल का डिजाइन तैयार किया था। उसी आधार पर कैपिटल कांप्लेक्स भी बनाया है। इसकी खासियत है कि पूरा कांप्लेक्स कंक्रीट से बना है। अपने अनूठे आर्किटेक्चर वर्क के लिए ही यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। आइए आप भी जानिए इस धरोहर में क्या है खास..

टावर ऑफ शेडो भी खास

कैपिटल कांप्लेक्स में एक मॉन्यूमेंट टावर ऑफ शेडो है। जो ऊर्जा बचाने का संदेश देता है। सूर्य चाहे किसी भी दिशा में हो इसमें धूप प्रवेश नहीं करती। बंद दीवारों की बजाय पत्थरों को अलग-अलग डायरेक्शन में जोड़कर पूरा टावर बना है। जिससे हवा भी प्रवेश करती रहती है। 

ओपन टू गिव ओपन टू रिसीव का संदेश देता है ओपन हैंड मॉन्यूमेंट 

चंडीगढ़ की पहचान ओपन हैंड मॉन्यूमेंट है। मैटल से बना ओपन हैंड मॉन्यूमेंट हवा के रुख से दिशा बदलता रहता है। मॉन्यूमेंट के नीचे ओपन असेंबली बनाई है। जिसमें हर किसी को बोलने की आजादी, सुनने की आजादी का संदेश है। इसका मतलब ओपन टू गिव और ओपन टू रिसीव भी है।

लंबे समय बाद खोला गया कैपिटल कांप्लेक्स 

कोरोना महामारी की वजह से कैपिटल कांप्लेक्स को डेढ़ साल बाद पर्यटकों के लिए ओपन किया गया है। अब देश विदेश के पर्यटक फिर से इस साइट का दीदार करने आ सकते हैं। कैपिटल कांप्लेक्स आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए की मुख्य क्रिएशन है। इसकी एक-एक बिल्डिंग और मॉन्यूमेंट को उन्होंने खास तरीके से गढ़ा जो अलग डिजाइन के साथ अच्छा संदेश भी समेटे हुए है। कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से 23 मार्च 2020 से इसे पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था। हालांकि पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट बिल्डिंग में अभी एंट्री शुरू नहीं हुई। सेक्रेटेरिएट और विधानसभा को दिखाया जा रहा है।

इस समय होता है कैपिटल कांप्लेक्स के लिए टूर

सबसे पहले टूरिस्ट सेंटर पर पास बनेगा। यहीं से टूर में पर्यटकों को कांप्लेक्स दिखाने ले जाया जाता है। दिन में तीन बार यह टूर जाता है। इसमें पहला टूर सुबह 10, फिर 12 और तीसरा टूर तीन बजे जाता है। कोविड प्रोटोकॉल के तहत यह टूर आयोजित होंगे। टूरिज्म डिपार्टमेंट की तरफ से गाइड टूरिस्ट को बिल्डिंग की खासियत बताएगा। मास्क और उचित दूरी का ध्यान रखना होगा। ऑनलाइन भी टूर के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पास के लिए फोटो आइडी होनी अनिवार्य होगी। कांप्लेक्स के बाहर एंट्रेंस पर बने टूरिस्ट सेंटर पर पहुंचकर फोटो आईडी बनवानी होगी। यहीं से टूर जाएगा।

Edited By: Ankesh Thakur