चंडीगढ़, [विकास शर्मा]। टोक्यो पैरालिंपिक 2020 (Tokyo Paralympics 2020) में देश के लिए मेडल जीतने वाले निषाद कुमार का सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में भव्य स्वागत हुआ। शहरवासियों ने उन्हें पलकों पर बिठाया और उनकी जीते के लिए बधाई दी। बता दें कि निषाद कुमार डीएवी कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। इसलिए उनकी इस उपलब्धि के लिए रविवार को सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में निषाद के माता पिता भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। निषाद ने अपनी इस जीत के लिए अपनी मां को मुख्य बताया।

इस सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे चंडीगढ़ के एजुकेशन सेक्रेटरी सरप्रीत सिंह गिल ने निषाद के जज्बे को खूब सराहा। इस दौरान भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि वह निषाद के संघर्ष को वह समझ सकते हैं, और उनके जज्बे को सलाम करते हैं। गरीबी और दिव्यांगता से निकलकर पैराओलिंपिक में मेडल जीतना सामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने दोनों बेटों को भी उनके संघर्ष की कहानी सुनाएंगे।

निषाद कुमार बोले- मां से विरासत में मिला है जीत का जज्बा

निषाद कुमार ने बताया कि उनकी माता पुष्पा देवी भी स्टेट स्तर की वॉलीबॉल व शॉटपुट की खिलाड़ी रह चुकी हैं। साल 2008 में जब उनका हाथ कट गया था, तो उनकी मां ने ही उन्हें हौसला दिया था। उन्होंने कभी भी उन्हें कुछ भी करने से नहीं रोका। पिता ने भी उन्हें यह महसूस नहीं होने दिया कि वह दिव्यांग हो गए हैं। माता -पिता के इसी व्यवहार ने उन्हें मजबूत बनाया वह स्कूल व कॉलेज स्तर के मुकाबलों में सामान्य खिलाड़ियों के साथ खेलते रहे। इतना नहीं वर्ष 2018-19 पंजाब यूनिवर्सिटी इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में भी उन्होंने सामान्य खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए सिल्वर मेडल जीता था। तब गोल्ड मेडल विजेता खिलाड़ी से वह सिर्फ दो सेंटीमीटर कम छलांग लगाई थी। निषाद बोले अगर मैं अपनी दिव्यांगता या गरीबी के बारे में सोचता रहता तो यकीनन आज पैरा ओलिंपिक में सिल्वर मेडल नहीं जीत पाता। यह जीत का जज्बा उन्हें उनकी मां से विरासत में मिला है।

आगे भी जारी रहेगा जीत का सिलसिला

निषाद कुमार ने बताया कि जिस तरह से टोक्यो पैरालिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद उन्हें देशवासियों का प्यार व सम्मान मिला है, उसे लेकर वह खासे उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि इस मेडल जीतने से उनके हौसले काफी बुलंद हैं, फिलहाल वह अगले साल होने वाली एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी यही कोशिश रहेगी कि यह जीत का सिलसिला न टूटे और वह इसी तरह देश के लिए मेडल जीतते रहें।

ओलिंपिक जैसे बड़े इवेंट में खेले डीएवी कॉलेज के पांच एलमुनी

डीएवी कॉलेज-10 के प्रिंसिपल पवन कुमार शर्मा ने बताया कि टोक्यो ओलिंपिक व पैरा ओलिंपिक में हमारे कॉलेज के पांच पूर्व खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा, ब्रांज मेडल विजेता हॉकी खिलाड़ी गुरजंट सिंह, शूटर अंजुम मोदगिल और यशस्विनी देसवाल और पैरा एथलीट निषाद कुमार हमारे कॉलेज के एलमुनी है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी हमने अपने खिलाड़ियों को 18 लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी। इसके अलावा भी जो हमारे कॉलेज में एडमिशन ले लेता हैं हम उसे अपने परिवार का हिस्सा समझकर उसे भविष्य व देश के लिए तैयार करते हैं।

निषाद कुमार के सम्मान समारोह में डीएवी कॉलेज-10 के पूर्व प्रिसिपल आरसी जीवन, डॉ. एस मारिया व बीसी जोशन, मौजूद प्रिसिंपल पवन शर्मा, प्रो. रविंद्र चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी भी खासतौर पर मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में निषाद के पिता रशपाल सिंह व माता पुष्पा देवी भी खास तौर पर मौजूद रहे।

Edited By: Ankesh Thakur