राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को मारने की धमकी देने पर सिख फार जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कैप्टन ने पन्नू को राज्य की शांति स्थिरता और सांप्रदायिक सदभावना को भंग करने की किसी भी कोशिश के विरुद्ध कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी पंजाब की शांति को भंग करने और हमारे लोगों को पुन: आतंकवाद के दिनों में धकेलने की अनुमति नही दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि गुरुओं ने हमेशा ही मानवता की एकता की विचारधारा का प्रचार किया। पंजाब धर्म, जाति व नस्ल के भेदभाव के बिना सभी का घर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म के नाम पर और खालिस्तान की प्राप्ति के लिए शांतिपूर्ण अलगाववादी मुहिम की आड़ में पन्नू की नफरत, फूट और हिंसा को भड़काने की निराशाजनक कोशिशों को पहले ही पंजाब और भारत के लोगों ने पूरी तरह नकार दिया है।

डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पन्नू व उसके साथियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) एक्ट, 1967 की धारा 10 (ए) और 13 (1) और आइपीसी की धारा 153ए 153ए और 124ए के तहत स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन एसएएस नगर में एफआइआर नंबर 34 दर्ज की गई है। पन्नू को हिंसक कार्रवाइयों को भड़काने और संविधान के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री को मारने की धमकी देने के मामले में आरोपित है।

28 अगस्त को पोस्ट की गई वीडियो की प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए डीजीपी ने कहा कि उक्त वीडियो से मुख्यमंत्री के विरूद्ध एक अपराधिक साजिश का स्पष्ट तौर पर पता चलता है, जिसमें मुख्यमंत्री को गोलियों का निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। बता दें, गुरपतवंत सिंह पन्नू युवाओं को भड़काता रहा है। पहले भी पन्नू के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें वह युवाओं को गुमराह करता रहा है। लंबे समय से पन्नू पंजाब पुलिस के टारगेट पर है। 

Edited By: Kamlesh Bhatt