जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पीजीआइ चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) द्वारा बच्चों पर किए जा रहा सीरो सर्वे पूरा हो गया है। सीरो-सर्वे के जो परिणाम सामने आए हैं, उसके मुताबिक 6 से 18 साल के 72.7 फीसद बच्चों में  नेचुरल एंटीबॉडीज पाई गई। सीरो सर्वे के मुताबिक कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर में चपेट में आए बच्चों में एंटीबॉडीज पाई गई। सीरो सर्वे के जरिये एंटीबॉडी टेस्ट से सीरोलॉजी टेस्ट किया जाता है। जिससे ये पता चलता है कि कितने लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

पीजीआइ के निदेशक डॉ. जगतराम ने  बताया कि 24 जून को चंडीगढ़ में सर्वे करना शुरू किया था। अब तक कुल 2,695 बच्चों पर सीरो सर्वे टेस्ट किया गया। इनमें से 72.7 फीसद में नेचुरल एंटीबॉडीज पाई गई हैं। सीरो सर्वे के परिणाम के मुताबिक चंडीगढ़ के सेक्टर एरियाज में एंटीबॉडी का पॉजिटिविटी रेट 67 प्रतिशत था। जबकि ग्रामीण एरिया में 75 और कॉलोनी एरिया में 76 प्रतिशत था।

दो से 11 साल के 460 और 12 से 17 साल के 920 बच्चों पर होगा ट्रायल

बच्चों पर कोवोवैक्स वैक्सीन के दूसरे और तीसरे फेज के ट्रायल के लिए पूरे देश में 10 साइट्स में पीजीआइ चंडीगढ़ में भी ट्रायल होगा।आइसीएमआर की ओर से पीजीआइ से वैक्सीन के ट्रायल के लिए संपर्क किया गया है। ट्रायल की मंजूरी से पहले पीजीआइ को एथिकल कमेटी से क्लियरेंस लेनी होगी। वैक्सीन के ट्रायल में दो से 11 साल के 460 और 12 से 17 साल के 920 बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। बता दें इससे पहले पीजीआइ ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड वैक्सीन का सफल ह्यूमन ट्रायल कर चुका है।बच्चों पर वैक्सीन की ट्रायल को लेकर जल्द ही केंद्र से सीरम इंस्टिट्यूट आफ इंडिया को मंजूरी मिल जाएगी।

जल्द ही बच्चों पर शुरू होगा वैक्सीन का ट्रायल

पीजीआइ में बच्चों पर कोविड वैक्सीन के ट्रायल को इस हफ्ते तक मंजूरी मिल जाएगी। आइसीएमआर की ओर से पीजीआइ को ये मंजूरी मिलेगी।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पीजीआइ की ओर से बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल को लेकर मंजूरी मांगी गई थी।बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल के दौरान 21 दिन में दो डोज लगाई जाएंगी। इसके बाद इन बच्चों को छह महीने तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। और यह देखा जाएगा कि बच्चों पर वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट या कोई बदलाव ताे नहीं आएगा।

 

Edited By: Ankesh Thakur