विकास शर्मा, चंडीगढ़। Man Kaur Passed Away: दुनियाभर में देश का नाम रोशन करने वाली इंटरनेशनल मास्टर एथलीट मान कौर का शनिवार दोपहर करीब 1.30 बजे निधन हो गया। उन्होंने 105 साल की उम्र में मोहाली के डेराबस्सी स्थित शुद्धि आयुर्वेद अस्पताल में आखिरी सांस ली। मान कौर गॉल ब्लैडर कैंसर से जूझ रही थीं। मान कौर बीमारी की वजह से पूरी डाइट नहीं ले पा रही थी। खाना न खाने की वजह से उन्हें काफी कमजोरी आ गई थी। उनका इलाज नेचुरल थैरेपी से शुद्धि आयुर्वेदा पंचकर्मा अस्पताल डेराबस्सी में आचार्य मुनीष की देखरेख में हो रहा था।

मान कौर के बेटे गुरदेव सिंह (85) ने बताया कि मां को फरवरी में पेट दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें पीजीआइ में दिखाया गया था। जहां उनके सभी टेस्ट होने के बाद इस बात का पता चला था कि उन्हें गॉल ब्लैडर में कैंसर है, लेकिन उम्र ज्यादा होने की वजह से परिवार ने कीमो थैरेपी करवाने से मना कर दिया और का उनका इलाज पटियाला में एक डॉक्टर के पास चल रहा था। दिक्कत हुई तो जून के आखिरी हफ्ते में परिवार उन्हें चंडीगढ़ ले आया, जहां डेराबस्सी के शुद्धि आयुर्वेदा पंचकर्मा अस्पताल में नेचुरल थैरपी से इलाज चल रहा था।

उपलब्धियों के मिल चुका है राष्ट्रपति अवार्ड

मास्टर एथलीट मान कौर कोविड-19 से पहले तक लगातार मेडल जीतकर वह तिरंगे की शान बढ़ाती रही थी। मान कौर की उपलब्ध्यिों को देखते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने  वर्ष 2019 में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया था। राष्ट्रपति भवन में सम्मान लेने के लिए मान कौर जिस फूर्ती से स्टेज पर पहुंचीं थी, उसे देखकर राष्ट्रपति भी हैरान हो गए थे। वहीं, प्रधानमंत्री आवास पर एक मुलाकात के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी उनकी फिटनेस देखकर उनके आगे दोनों हाथ जोड़कर खड़े हो गए थे। वह देश दुनिया के एथलीटस के लिए प्रेरणा स्त्रोत थी।

अपने जुनून व हौसले से मान कौर बनी फिटनेस का प्रतीक

मास्टर एथलीट मान कौर तब सुर्खियों में आई थी जब उन्होंने 102 साल की उम्र में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में 100 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड मेडल जीता था। इसी साल उन्होंने ऑकलैंड में स्काई टॉवर पर ‘स्काई वॉक’ कर नया विश्व  रिकॉर्ड बनाया था, उस समय उनकी उम्र 102 साल की थी। यह स्काई टॉवर शहर से 192 मीटर की ऊंचाई पर था।इस विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने में उनके बेटे गुरदेव सिंह ने उनका साथ दिया था। मान ने अपने बेटे का हाथ पकड़कर यह ‘स्काई वॉक’ की थी। इस वजह से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज हुआ था। अपने इसी हौसले और जुनून की वजह से वह फिटनेस का प्रतीक बन गई थी। मोदी की फिट इंडिया मुवमेंट के  26 उद्घाटन समारोह में पहुंचकर मान कौर ने लोगों को फिटनेस का पाठ पढ़ाया।

यह थी मान कौर की उपलब्धियां

मास्टर एथलीट मान कौर ने वर्ष   2019  पोलैंड में संपन्न हुई वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स (डब्ल्यूएमए) प्रतियोगिता में चार गोल्ड मेडल हासिल किए थे। इसी वर्ष 2018 स्पेन में आयोजित हुए मास्टर्स मुकाबलों में  जेवलिन थ्रो व 200 मीटर दौड़ मुकाबले में दो गोल्ड मेडल जीते थे। वर्ष 2017 में भारत में हुई वर्ल्‍ड मास्टर गेम्स में 100 मीटर रेस व जेवलिन थ्रो में रिकॉर्ड तोड़ा। वर्ष 2016 में उन्होंने 100 वर्ष के उम्र वर्ग में अमेरिका मास्टर गेम्स में 4 गोल्ड मेडल हासिल किए।

साल 2013 में हंट्समैन वर्ल्ड  सीनियर गेम्स में पांच गोल्ड मेडल हासिल करके जेवलिन थ्रो व शॉटपुट का रिकॉर्ड तोड़ा। कनाडा मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पांच गोल्ड जीते। ताइवान में 2012 में हुई एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान 100 मीटर दौड़ में उन्होंने एक गोल्ड मेडल हासिल किया। उससे पहले 2011 में  अमेरिका में खेलते हुए उन्होंने वर्ल्‍ड मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 व 200 मीटर दौड़ मुकाबले में दो गोल्ड मेडल हासिल करके एथलीट ऑफ द ईयर का खिताब हासिल किया था।

टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने का था कार्यक्रम

अलग-अलग खेलों और आयुवर्ग की कैटेगरी में खेलते हुए स्वर्गीय मान कौर ने आठ वर्ल्ड रिकार्ड बनाए थे।  उनका नाम  विश्व की 10 प्रसिद्ध सिख प्रभावशाली महिलाओं में भी दर्ज हो चुका था। वह दुनिया के 25 देशों में आयोजित होने वाली मास्टर गेम्स में हिस्सा ले चुकी थी और उन्होंने  35 मेडल जीते थे। उनके बेेटे गुरदेव सिंह ने बताया कि अगर उनका स्वास्थ्य ठीक रहता तो वो टोक्यो ओलंपिक में भी एथलीट्स की हौसला अफजाई के लिए जाती। उन्होंने बताया कि मान कौर के आने की खबर जापान के अखबारों व टीवी में काफी दिन पहले चल चुकी थी, लेकिन दुखद वो जापान जाने से पहले ही दुनिया को अलविदा कह गई।

Edited By: Kamlesh Bhatt