जालंधर, जेएनएन। प्रशासन यह समझ नहीं पा रहा है कि पक्षी रोज क्यों मर रहे हैं। शनिवार को फिर से 12 मरे हुए पक्षी मिले हैं। जिससे अब अधिकारी ज्यादा सतर्क हो गए हैं जबकि शुक्रवार को 11 पक्षी मृत मिले थे। पर्यावरण विभाग को सेक्टर-16 में एक मोर, मनीमाजरा से एक कौआ, सेक्टर-49 डी से चार कबूतर, मलोया के शिव मंदिर में चार कौआ, खुड्डा अलीशेर में दो कबूतर मिले हैं।

बीते दिनों में विभाग ने जालंधर जांच के लिए कुल 23 पक्षियों के नमूने भेजे थे, जिसमें से सभी की रिपोर्ट आ गई है। हालांकि किसी भी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। गौरतलब है कि शहर में अब तक 100 से ज्यादा पक्षियों की मौत हो चुकी है। जबकि इस समय शहर में बर्ड फ्लू के डर से चिकन और अंडे की सेल में काफी गिरावट आ गई है। जिससे इसका कारोबार करने वाले व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।

प्रशासन के कर्मचारियों का कहना है कि बेशक बर्ड फ्लू की रिपोर्ट नेगिटिव आई है लेकिन हर दिन पक्षियों के मरने के सिलसिला की अनदेखी नहीं की जा सकती। हर दिन मरने वाले पक्षियों की रिपोर्ट सलाहकार मनोज परिदा को जा रही है। मरने वाले पक्षियों को चेक करने के लिए प्रशासन की ओर से अलग से टीम बनाई गई है।प्रशासन के अनुसार इतनी तादाद में पहले कभी भी मरे हुए पक्षी नहीं मिले हैं। वहीं हर दिन पक्षियों के मरने से शहरवासियों की धड़कने बढ़ गई है। मरने की एक वजह ठंड भी बताई जा रही है।

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