चंडीगढ़, [विशाल पाठक]। सिटी ब्यूटीफुल के लोगों के ब्लड में शुगर लेवल तेजी से बढ़ रहा है। जोकि एक चिंता का विषय का है। पीजीआइ चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर संजय भदादा ने कहा शहर के लोगों में जिस प्रकार ब्लड शुगर लेवल (blood suger level) व डायबीटिज (diabetes) (एचबीए1सी) की मात्रा बढ़ रही है। यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद ही खतरनाक है।

डॉ. संजय ने बताया कि वर्ल्ड डायबिटीज डे (World diabetes day) से पहले नोवो नॉर्डिस्क एजुकेशन फाउंडेशन ने इम्पैक्ट इंडिया-100 डे चैलेंज प्रोग्राम के दूसरे वर्ष की रिपोर्ट जारी की है। भारत में अब तक सर्वश्रेष्ठ स्तर पर कंट्रोल न किए गए डायबीटिज के मुद्दे के समाधान के लिए यह प्रोग्राम दाे साल पहले शुरू किया गया था।

शहर में एचबीए1सी लेवल 8.39 फीसद किया गया दर्ज

रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ में सितंबर 2020 में औसत एचबीए1सी लेवल 8.39 फीसदी दर्ज किया गया। हालांकि औसत एचबीए1सी लेवल में पिछले साल के आंकड़ों के मुकाबले आंशिक रूप से कमी आई। लेकिन कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए कुल मिलाकर एचबीए1सी लेवल में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। जिससे अनियंत्रित शुगर लेवल वाले डायबिटीज रोगियों में जानलेवा खतरे के साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां के उभरने का जोखिम ज्यादा है।

शोध में औसत 53 वर्ष के 2400 लोगों को किया गया शामिल

डॉ. संजय ने बताया कि इस शोध में चंडीगढ़ के औसत 53 वर्ष के 2400 लोगों को शामिल किया गया। लंबे समय में ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए एचबीए1सी की सबसे ज्यादा सिफारिश की जाती है और इसे बेहतरीन संकेतक माना जाता है। इससे पिछले तीन महीने के ब्लड शुगर कंट्रोल का औसत मिलता है। 53 वर्ष की औसत उम्र वाले 2400 लोगों को शहर में किए गए इस विश्लेषण का हिस्सा बनाया गया। जिसमें से 58 फीसद पुरुष और 42 फीसद महिलाएं थीं।

लोगों का अपना लाइफस्टाइल बदलने की जरूरत

डॉ. संजय भदादा ने कहा कि चंडीगढ़ में एचबीए1सी का उच्च स्तर पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि कोविड-19 के कारण डायबिटीज के मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और जान पर जोखिम होने का खतरा 50 फीसद ज्यादा है। इसलिए ग्लूकोज लेवल सही ढंग से मेंटेन रखने के लिए स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना, उचित डाइट लेना, एक्सरसाइज करना और नियमित अंतराल पर ग्लाइसेमिक लेवल पर नजर रखना बहुत जरूरी है।

ऐसे रख सकते हैं अपनी डायबिटीज पर नजर

कोविड-19 के कारण मौजूदा महामारी की स्थिति में डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने की दवाइयां और ब्लड शुगर मापने के उपकरण पर्याप्त मात्रा में रखने चाहिए। अगर सांस लेने में तकलीफ, बुखार, सूखी खांसी, थकान, दर्द, गला सूखना, सिर में दर्द, खाने में स्वाद न आना, सुगंध न आना जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इस समय भारत में डायबिटीज के रोगियों की संख्या 77 मिलियन से अधिक है। इम्पैक्ट इंडिया प्रोग्राम के तहत डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थकर्मियों को भागीदार बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्मों का लाभ उठाया जा रहा है। इसका लक्ष्य भारत में मौजूदा समय डायबिटीज के रोगियों के देखभाल के बेहतर तरीके को उभारना और उसे लागू करना था।

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