चंडीगढ़ए जेएनएन। पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से अपनाए गए मापदंडों का चार्ट तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि सीलबंद लिफाफे में उन सभी अधिकारियों के तुलनात्मक विवरण पेश किए जाएं जिनके नाम इस पद के लिए प्रदेश सरकार की ओर से भेजे गए थे। अगली सुनवाई को 22 जुलाई को होगी।

डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल में शामिल अधिकारियों का तुलनात्मक चार्ट मांगा

डीजीपी (मानवाधिकार) मोहम्मद मुस्तफा की याचिका पर जस्टिस जसवंत सिंह और जस्टिस संत प्रकाश की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। मुस्तफा ने वरिष्ठता को नजरअंदाज कर गुप्ता की नियुक्ति के खिलाफ याचिका दायर की है।

वरिष्ठता को नजरअंदाज करने पर मुस्तफा ने गुप्ता की नियुक्ति को दी है चुनौती

पिछले दिनों मामले की जल्दी सुनवाई करने की भी उन्होंने अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने कहा था कि निर्धारित तिथि दो जुलाई को ही सुनवाई होगी। वीरवार को यूपीएससी ने हाई कोर्ट को जानकारी दी कि डीजीपी पद के लिए विचार किए गए अधिकारियों की तुलनात्मक रिपोर्ट केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में पेश की गई थी। यूपीएससी के इस जवाब के बाद कोर्ट ने पूरी रिपोर्ट तलब कर ली।

अधिकारियों के अनुभव, योग्यता इत्यादि को लेकर मांगी जानकारी

हाई कोर्ट ने यूपीएससी से ङ्क्षबदुवार जवाब मांगते हुए ड्राफ्ट गाइडलाइन 2009 के अनुसार डीजीपी पद पर नियुक्ति के लिए बनाए जाने वाले पैनल के लिए अधिकारियों के अनुभव, योग्यता इत्यादि पर जवाब मांगा है। पिछले पांच सालों में विभिन्न राज्यों द्वारा डीजीपी पद के लिए भेजे गए पैनलों में विचार किए गए नामों पर भी तुलनात्मक चार्ट मांग लिया है। इनमें 2009 की गाइडलाइन के अनुसार योग्य अधिकारियों की संख्या, विचार किए गए अधिकारियों की संख्या और पैनल में भेजे गए अधिकारियों की आपसी वरिष्ठता पर भी जवाब मांगा है।

हाई कोर्ट के यूपीएससी से सवाल

-क्या पैनल के गठन के लिए पर्साेनल विभाग के निर्देशों का पालन किया गया? -अगर पर्साेनल विभाग के निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो पैनल को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई गई?

-अगर पैनल के लिए कोई संख्या निर्धारित नहीं है तो क्या 2009 की गाइडलाइन के अनुसार डीजीपी पद के लिए योग्य सभी अधिकारियों पर विचार करना आवश्यक है?

-क्या यूपीएससी राज्यों को 2009 की गाइडलाइन के अनुसार सभी योग्य अधिकारियों के नाम भेजने को कहता है या इसे राज्य की इ'छा पर छोड़ दिया जाता है?

-देश के अन्य राज्यों में योग्य अधिकारियों के नामों की संख्या के संबंध में क्या नियम हैं?

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कैट ने खारिज कर दी थी नियुक्ति

कैट ने इस साल 17 जनवरी को पंजाब सरकार को बड़ा झटका देते हुए दिनकर गुप्ता की डीजीपी पद पर नियुक्ति को खारिज कर दिया था। सरकार ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की और कोर्ट ने कैट के फैसले पर रोक लगा दी। 7 फरवरी, 2019 को गुप्ता की नियुक्ति की गई थी। कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नजरअंदाज किए जाने के कारण डीजीपी मानवाधिकार आयोग मोहम्मद मुस्तफा और पीएसपीसीएल के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने गुप्ता की नियुक्ति को कैट में चुनौती दी थी।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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