जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : आज के समय में कोई भी सुरक्षित नहीं है। हर इन्सान अपने घर में आने वाले मेहमान से पूछता है कि वह है कौन उसके बाद ही उसे घर में घुसने दिया जाता है। यह हालात किसी एक के साथ नहीं है अपितु सभी पर आधारित हैं। यह कहना है लेखिका प्रीति सिंह का। जिन्होंने रविवार को अपनी तीसरी पुस्तक वाचड़ का विमोचन किया। प्रीति सिंह ने इससे पहले दो पुस्तकें लिखी हैं जिसमें से एक पुस्तक उन्होंने अपने ही जीवन पर लिखी थी।

क्या है पुस्तक की कहानी : पुस्तक में एक लड़की है जिसका नाम किंजल है। किंजल की मां की पांच साल पहले हत्या कर दी जाती हे। इस समय किंजल मेडिकल की पढ़ाई कर रही है और दोबारा से पांच साल के बाद शहर में वैसे ही हत्याएं फिर से होना शुरू हो जाती हैं जैसे कि किंजल की मां की हुई होती है। किंजल अपनी मेडिकल की पढ़ाई को छोड़कर सीबीआइ की नौकरी करना शुरू कर देती है। जहां पर उसे पता चलता है कि उसके ही विभाग से कोई कातिल है और वह कातिल उसके ही साथ काम कर रहा है। वह पहले अपने सीनियर आफिसर पर शक करती है। इस केस को सुलझाने के लिए एक कुत्ता अंबर भी किंजल की सहायता करता है।

विश्वास करने से पहले परख लें

पुस्तक विमोचन के अवसर पर प्रीति ने कहा कि आज के समय में हर इन्सान को अपना नहीं बोला जा सकता है। जो इन्सान आपके घर में दूध देने आता है, गैस देने आता है या फिर कोई सब्जी वाला आता है किसी पर आसानी से विश्वास नहीं होता है। पुस्तक में लिखी गई कहानी क्राइम पर है और इससे लोगों को संदेश देने की कोशिश की गई है कि क्राइम से बचने के लिए अपने आसपास को जांच परख कर रखिए। किसी पर भी अंधा विश्वास न करें।

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