इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए सत्ताारूढ़ कांग्रेस ने आज अपने 86 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह बड़े बदलाव के मूड में नहीं है। 86 में से पार्टी ने केवल 10 नए चेहरों को उतारा है। पार्टी ने जिस तरह से पांच मंत्रियों को तीन महीने पहले ड्राप करके युवाओं को आगे किया था उससे लग रहा था कि इन चुनाव में कई विधायकों का टिकट कट सकता है।

पार्टी के प्रधान नवजोत सिद्धू ने इस बात के संकेत भी दिए थे, लेकिन सूची को देखकर नहीं लगता कि नवजोत सिद्धू अपनी बात मनवाने में कामयाब हुए हैं। पार्टी ने आज जिन 86 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है उनमें से 60 वर्तमान में विधायक या मंत्री हैं। आम आदमी पार्टी से आने वाले पांच विधायकों मे से फिलहाल दो सुखपाल खैहरा और रूपिंदर कौर रूबी ही टिकट पाने में कामयाब हुए हैं, जबकि नाजर सिंह मानशाहिया, जगतार सिंह जग्गा हिस्सोवाल व जगदेव सिंह कमालू टिकट पाने वालों की दौड़ से बाहर हो गए हैं। आप से ही पिरमल सिंह खालसा भी कांग्रेस में आए थे, लेकिन उनकी सीट के बारे में अभी फैसला नहीं हुआ है।

सबसे दिलचस्प बात है कि जाखड़ परिवार की तीसरी पीढ़ी चुनावी मैदान में आ गई है। बलराम जाखड़ के पोते संदीप जाखड़ अपने चाचा सुनील जाखड़ की जगह पर लड़ेंगे। सुनील जाखड़ जो तीन महीने पहले तक मुख्यमंत्री की दौड़ में थे, ने इस बार चुनाव न लड़ने का मन बनाया है। हालांकि पार्टी में उनके चिर प्रतिद्वंद्वी प्रताप सिंह बाजवा चुनावी मैदान में कूद गए हैं। राज्य सभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा कादियां से चुनाव लड़ेंगे। इस सीट पर उनके भाई फतेहजंग से बाजवा विधायक थे जो भाजपा में शामिल हो गए हैं।

चार विधायकों का कटा टिकट

पार्टी ने चार मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया है। मोगा से डा. हरजोत कमल की जगह मालविका सूद को टिकट दिया गया है। मौजूदा डिप्टी स्पीकर अजायब सिंह भट्टी जो मलोट से विधायक हैं का भी टिकट कट गया है। उनकी जगह पर आप से कांग्रेस में आई रूपिंदर कौर रूबी को टिकट मिला है। श्री हरगोबिंदपुर से मौजूदा विधायक बलविंदर सिंह लाडी जो हाल ही में भाजपा में शामिल हो गए थे और छह दिन बाद वापस कांग्रेस में लौट आए को भी टिकट नहीं दिया गया है। उनकी जगह मनदीप सिंह रंगड नंगल को टिकट दिया गया है। इसी तरह बल्लुआणा से मौजूदा विधायक नत्थूराम का टिकट भी कट गया है उनकी जगह पार्टी ने रजिंदर कौर को टिकट दिया है।

पांच का मंत्री पद गया, पर चार की उम्मीदवारी कायम

तीन महीने पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में मंत्री रहे पांच मंत्रियों राणा गुरमीत सिंह साेढी, सुंदर श्याम अरोड़ा, बलबीर सिंह सिद्धू, साधू सिंह धर्मसोत और गुरप्रीत कांगड़ का मंत्री बेशक चला गया हो, लेकिन इनमें से चार अगले चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी बचाए रखने में कामयाब रहे हैं। राणा सोढी भाजपा में शामिल हो गए हैं। साधू सिंह धर्मसोत को नाभा से, कांगड़ को रामपुरा फूल से , सुंदर श्याम अरोड़ा को होशियारपुर से और बलबीर सिदधू को मोहाली से टिकट मिल गया है।

बड़े चेहरों को टक्कर देंगे नए चेहरे

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की लंबी सीट पर पार्टी ने नया चेहरा जसपाल सिंह अबुल खुराना को उतारा है वह पूर्व मंत्री गुरनाम सिंह अबुल खुराना के बेटे हैं। हालांकि अकाली दल ने अभी लंबी सीट पर प्रकाश सिंह बादल के नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन जिस तरह से प्रकाश सिंह बादल हलके में सक्रिय हैं उससे लगता है कि वह 95 साल की आयु में भी चुनावी मैदान में उतरेंगे। बिक्रम मजीठिया को टक्कर देने के लिए पार्टी ने जगविंदर पाल सिंह को मजीठा हलके से टिकट दिया है। 

इन विधायकों की सीटों पर अभी नहीं हुआ फैसला

पार्टी ने अपने मौजूदा साठ विधायकों को टिकट दे दिया है। जबकि तीन विधायक कैप्टन अमरिंदर सिंह, राणा सोढी और फतेह बाजवा ने पार्टी छोड़ दी है। चार विधायकों की टिकट काट दी गई है। 13 विधायक ऐसे हैं जिनकी टिकट के बारे में पार्टी ने अभी फैसला इसलिए नहीं लिया है क्योंकि यहां पर उनके मुकाबले और नेताओं ने भी उम्मीदवारी जताई हुुई है। जिन विधायकों की किस्मत का फैसला अभी नहीं हुआ है उनमें अटारी से तरसेम सिंह डीसी, फाजिल्का से दविंदर सिंह घुबाया, जलालाबाद से रविंदर आमला, फिरोजपुर देहाती से सत्कार कौर, गिल से कुलदीप वैध, समराला से अमरीक सिंह ढिल्लों, भोआ से जोगिंदर पाल, शुतराणा से निर्मल सिंह, नवांशहर से अंगद सिंह, अमरगढ़ से सुरजीत धीमान, खडूर साहिब से रमनजीत सिंह सिक्की, खेमकरण से सुखपाल भुल्लर को टिकट नहीं मिला है, जबकि ब्रह्म मोहिंदरा ने अपने पटियाला देहाती से अपने बेटे मोहित मोहिंदरा को टिकट दिला दिया है। पार्टी ने नौ महिलाओं और दस नए चेहरों को मैदान में उतारा है।

Edited By: Kamlesh Bhatt