संस, बठिडा: अग्रवाल कालोनी के मंदिर माता चितपूर्णि मंदिर में नौ चंडी की पूजा पं. मुकेश शास्त्री की अगुआई में करवाई गई। इस दौरान प्रकाश बांसल व कृष्णा बांसल की तरफ से पूजा की गई। पं. मुकेश ने बताया कि मंदिर में रोजाना महिला मंडल संकीर्तन मंडली द्वारा संकीर्तन किया जाता है। मंदिर में 21 अप्रैल को रामनवमी का आयोजन किया जाएगा और कंजक पूजन भी होगा। माता माइसरखाना का मेला आज, मां ज्वाला की ज्योति के दर्शन करेंगे श्रद्धालु जिले के गांव माइसरखाना के दुर्गा माता मंदिर में छठे नवरात्र के अवसर पर रविवार को लगने वाले मुख्य मेले की तैयारियां मंदिर प्रबंधक समिति की तरफ से पूरी कर ली गई हैं। इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। रविवार को श्रद्धालु मां ज्वाला की ज्योति के दर्शन करेंगे। इस मेले का खास महत्व यह भी है कि मेले में हर धर्म के श्रद्धालु माता के आगे नतमस्तक होकर भाईचारक सांझ का सबूत देते हैं। बठिडा से 29 किलोमीटर और मौड़ मंडी से सात किलोमीटर दूर बठिडा रोड पर स्थित गांव माइसरखाना में लगने वाले इस मेले की खास पहचान है। यह मेला हिमाचल के माता ज्वाला जी में लगने वाले मेले की तरह पंजाब का ऐतिहासिक मेला है। यहां नवरात्र की छठ रात को माता ज्वाला की ज्योति का आना माना जाता है। प्राचीन दुर्गा मंदिर में माता ज्वाला जी के दर्शन पिडी रूप में होने की मान्यता है। इस मेले में पंजाब सहित हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल और दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करके माता से अपनी मन्नत मांगते हैं। मेले में श्रद्धालुओं के लिए लंगर, ठंडा पानी, दवाइयां आदि की सेवा का प्रबंध समाज सेवी संगठनों द्वारा किया गया है। प्रशासन की तरफ से भी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं और जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे और पुलिस बल तैनात कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। उधर, प्रधान शीश पाल सिगला ने बताया कि माता के दरबार और मंदिर को सुंदर लाइटों और फूलों से सजाया गया है। कोरोना को देखते हुए मंदिर को बार-बार सैनिटाइज किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए सैनिटाइजर और मास्क का प्रबंध भी किया गया है।

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