जागरण संवाददाता, बठिडा :

वही नगर निगम है, वही सीवरेज बोर्ड और त्रिवेणी इंजीनियरिग कंपनी। कमिश्नर के तालमेल की त्रिवेणी ने मिलकर काम किया तो बीते शनिवार की दोपहर से रात के नौ बजे तक हुई भादों की पहली 100 एमएम बारिश के पानी से महज आठ घंटों में लोगों को राहत मिल गई। जबकि इससे पूर्व अकसर भारी बारिश के बाद दो-दो, तीन-तीन दिन तक शहर के अनेक इलाके पानी में डूबे रहते थे। बीती 16 जुलाई को हुई भारी बारिश का मंजर अभी तक शहर के लोगों को भूला नहीं है। दरअसल इससे पहले न जाने क्यों नगर निगम, सीवरेज बोर्ड और सीवरेज-पानी की मेंटीनेंस का काम संभाले हुए त्रिवेणी इंजीनियरिग कंपनी के अधिकारी अपनी अपनी राह चलते रहे हैं। हर बारिश के दौरान समस्या के समाधान के लिए तीनों में कभी कोआर्डिनेशन नजर नहीं आई। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा है।

पहले दे डाली थी मिलकर काम करने की नसीहत

लेकिन हाल ही में नए नगर निगम कमिश्नर का पदभार संभालते ही बिक्रमजीत शेरगिल ने सबसे पहले अपने, सीवरेज बोर्ड व त्रिवेणी कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर तालमेल बनाया और मिलकर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासकीय स्तर पर उन्हें जो भी चाहिए वह उपलब्ध कराने को तैयार हैं, लेकिन तकनीकी तौर पर काम आप लोगों ने ही मिलकर करना है। इसके बाद शहर की कुछ रोड जालियों की सफाई, सीवरेज लाइनों की डीसिल्टिग और डीएवी, संजय नगर तथा संगूआना बस्ती के छप्पड़ों का खाली करने का काम हुआ। बीते शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से भारी बारिश का 72 घंटे का अलर्ट जारी होते ही निगम कमिश्नर सहित तमाम अधिकारी फिर से फील्ड पर निकले और तैयारियां की। शनिवार को बारिश शुरु होते ही निगम के ओएंडएम सेल के एसई किशोर बांसल और त्रिवेणी के डीजीएम वीबी शिवांगी ने मुख्य डिस्पोजल पर तो निगम जेई कमल कुमार ने छप्पड़ों पर मोर्चा संभाला। मेन डिस्पोजल पर बैठे रहे डीसी सहित अन्य अधिकारी

रात नौ बजे तक शहर के मुख्य डिस्पोजल पर डीसी बी श्रीनिवासन, कमिश्नर बिक्रमजीत शेरगिल, मेयर बलवंत राय नाथ, सीवरेज बोर्ड के एक्सईएन अश्वनी कुमार और पावरकॉम के एक्सइएन गगनदीप सिगला ने भी डेरा जमाए रखा। सभी लोगों द्वारा मिलकर किए गए काम का परिणाम सबके सामने है। 100 एमएम बारिश का भारी पानी रविवार की सुबह करीब छह बजे तक सड़कों से निकल चुका था। केवल शहर के सबसे निचले इलाकों पावर हाउस रोड व डीसी निवास के नजदीक क्षेत्र से दोपहर तक निकासी हो सकी। जबकि कमला नेहरू मार्केट से कोई निकासी न होने के कारण शाम तक भी पानी भरा रहा। बारिश के बाद शहर को फिर से डुबो देने वाली सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वाले शहर के सक्रिय समाजसेवी साधू राम कुसला भी रविवार को मान गए इस बार बहुत जल्दी पानी निकला है।

Posted By: Jagran

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