जागरण संवाददाता, बठिडा: जिले में डेंगू का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। सेहत विभाग लोगों को हफ्ते में एक दिन ड्राई डे मनाने के लिए भी जागरूक कर रहा है, लेकिन लोगों को डेंगू से बचाने के लिए विभाग के अधिकारी कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा माडल टाउन फेज-1 में बने स्वीमिग पूल से लगाया जा सकता है। स्वीमिग पूल से पिछले डेढ़ महीने से पानी की निकासी नहीं की गई है, जिस कारण इस पर मच्छर पनप रहे हैं। वहीं जिले में अब तक डेंगू मरीजों की गिनती 256 हो गई है।

विभाग की इसी लापरवाही का नतीजा है कि स्वीमिग पूल के आसपास के एरिया में 15 से ज्यादा डेंगू के मरीज भी आ गए हैं। इसके बाद भी पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। कई-कई दिन तक पानी जमा रहने से डेंगू का लारवा भी जल्द बनता है। यहां पर करीब डेढ़ महीने से बारिश का पानी जमा है। जिसको निकालने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। हालांकि अभी कोरोना के चलते स्वीमिग पूल को बंद किया हुआ है, लेकिन यहां पर जमा बारिश का पानी आसपास के रिहायशी एरिया के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। ऐसे में लोगों के मन में डर भी बैठने लगा है, लेकिन विभाग के अधिकारी इस बात से बिलकुल अंजान है।

लोगों का कहना है कि इन दिनों डेंगू का सीजन चल रहा है, जिसके चलते बहुत से लोग डेंगू पाजिटिव भी हो गए हैं। इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। यहां तक कि इसके बारे में संबंधित अधिकारियों को कई बार बताया जा चुका है। मगर किसी ने भी इसकी गंभीरता को नहीं समझा। इस कारण आज पानी में काई तक जम गई है, जो बीमारियों को न्योता दे रही है। इसको लेकर जसवंत कौशिक का कहना है कि अगर प्रशासन को लोगों की सेहत की चिता है तो वह इसका तुरंत समाधान करवाए। कोरोना के बाद अब सारा कुछ ठीक हो गया है तो स्वीमिग पूल भी खोल दिए गए हैं। मगर इनकी संभाल करना प्रशासन भूल गया है।

Edited By: Jagran