संवाद सूत्र, रामा मंडी: गुरु गोबिद सिंह रिफाइनरी में औद्योगिक सुरक्षा और व्यावसायिक खतरों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। डिप्टी डायरेक्टर फैक्ट्रीज विशाल सिगला की तरफ से प्रवीण कुमार थिड आइएएस, लेबर कमिश्नर-कम-डायरेक्टर आफ फैक्ट्रीज, पंजाब एंड पंजाब इंडस्ट्रियल सेफ्टी काउंसिल, मोहाली के मार्गदर्शन में गुरु गोबिद सिंह रिफाइनरी में पंजाब इंडस्ट्रियल सेफ्टी काउंसिल के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस मौके विशाल सिगला ने कहा कि पंजाब में सबसे अधिक खतरनाक इकाइयां बठिडा जिले में केंद्रित हैं, जिनमें से दस इकाइयों को अत्यधिक खतरनाक इकाइयों में वर्गीकृत किया गया है। वहां चार हजार से अधिक मजदूर काम करते हैं। इन इकाइयों में मजदूर विभिन्न प्रकार के विशिष्ट कार्य जैसे वेल्डिग, रासायनिक हेडलिग, ऊंचाई पर काम करने आदि करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि काम से संबंधित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इन मजदूरों को नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को खतरे की पहचान, सामान्य स्वास्थ्य देखभाल, घटनाओं से सीखना, रासायनिक भंडारण और हैंडलिग, ऊंचाई पर काम करने के साथ-साथ उठाने के संचालन आदि से लैस करना था। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों मजदूरी की सुरक्षा के पूरे इंतजाम करें ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस मौके पर साहिल गोयल, सुखजिदर सिंह भट्टी, संजीव कुमार, अनिल शर्मा, नरेश पठानिया, दविदर पाल सिंह, नरिदर बस्सी ने प्रशिक्षण सत्र लिया और प्रतिभागियों को प्राथमिक चिकित्सा तकनीकों के साथ-साथ उद्योगों में सर्वोत्तम सुरक्षा प्रथाओं के साथ-साथ स्वस्थ जीवन के महत्व से अवगत कराया। अंत में कृष्ण टुटेजा ने सभी मेहमानों धन्यवाद किया।

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