जागरण संवाददाता, बठिडा: राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर लगाई गई चुनाव आचार संहिता में शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जैसे ही नामांकन दाखिल करने के दिन करीब आ रहे हैं, वैसे ही चुनाव आयोग के पास शिकायतों के भंडार जमा होने शुरू हो गए हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों की आ रही हैं। इसके अलावा आम लोग भी सी-विजिल एप पर पोस्टर व होर्डिंग बोर्ड लगाने की शिकायतें कर रहे हैं।

जिले के दो कांग्रेस उम्मीदवारों की चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज हुई। इसके तहत चुनाव आचार संहिता के बाद क्लबों को खेल किट बांटे जाने को लेकर चुनाव आयोग को हलका रामपुरा के कांग्रेस प्रत्याशी की शिकायत मिली है। इसके अलावा यह शिकायत भी दर्ज करवाई गई है कि उन्हें ज्यादा सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं। चुनाव आयोग को अब तक ई-विजिल एप पर ऐसी 223 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें होर्डिंग बोर्ड व पोस्टर को लेकर आम लोगों की ओर से की जा रही हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने आचार संहिता लागू होने के बाद ऐसे होर्डिंग बोर्ड व पोस्टर हटवाए थे, लेकिन लोगों की ओर से होर्डिंग्स की तस्वीरें भेजकर चुनाव आयोग ने संबंधित होर्डिंग उतरवाने की मांग की जा रही है। कांगड़ की ओर से खेल किट बांटने की पुरानी तस्वीर डालकर की शिकायत किसी ने सी-विजिल एप पर फेसबुक से गुरप्रीत सिंह कांगड़ की स्पो‌र्ट्स किट बांटे जाने की तस्वीर पोस्ट कर चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि चुनाव आचार संहिता के बाद कांगड़ मतदाताओं को गुमराह करने के लिए स्पो‌र्ट्स किट बांट रहे हैं। चुनाव आयोग द्वारा पूछे जाने पर पूर्व मंत्री ने कहा था कि चुनाव आचार संहिता से पहले खेल किट बांटे गए थे, लेकिन किसी ने पुरानी तस्वीर के आधार पर झूठी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने शिकायत का निस्तारण कर दिया था। वित्तमंत्री के खिलाफ सोलन पैनल बांटने की शिकायत भी मिली

बठिडा शहरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी व वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी वित्तमंत्री द्वारा सोलर पैनल व ग्रांट के चेक बांटे जा रहे हैं। हालांकि इस शिकायत को चुनाव आयोग ने भी सुलझा लिया है। शिकायतों की तीन टीमें कर रही हैं मानिटरिग

सी-विजिल एप को मानिटर करने के लिए जिले में तीन टीमों का गठन किया गया है, जिसमें 39 कर्मचारी शामिल किए गए हैं। इन सभी कर्मचारियों की शिफ्ट वाइज ड्यूटी होती है। चुनाव तारीखों का ऐलान होने के बाद से वोटिग खत्म होने तक, कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत एप के जरिए भेज सकता है। वहीं आचार संहिता के दौरान नेताओं की तरफ से किसी भी तरह के कोई गैरकानूनी दस्तावेज बांटने, भ्रष्टाचार और विवादित बयानों की शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा शिकायतकर्ता जो भी वीडियो या फोटो अपलोड करेंगे वो पांच मिनट के अंदर स्थानीय चुनाव अधिकारी के पास चला जाएगा। इसी प्रकार अगर शिकायत सही है तब 100 मिनट के अंदर ही उस समस्या का समाधान किया जाएगा।

Edited By: Jagran