जासं, बठिडा : पूर्व दो दिनों से एक पूर्व सैनिक और उनके पारिवारिक सदस्यों को उपचार के लिए डॉक्टरों की मिन्नतें करनी पड़ रही हैं। पाकिस्तान व चीन की जंग लड़ने वाले इस पूर्व सैनिक को देने के लिए अस्पताल के पास व्हीलचेयर तक नहीं थी। इसके चलते उनके बेटे को उनके टेस्ट करवाने से लेकर डॉक्टरों के पास लेकर जाने के लिए कंधों का सहारा देना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद पूर्व सैनिक का उपचार नहीं हो पा रहा।

प्रदीप सिंह निवासी गुरसर सेणेवाला ने बताया कि उनके पिता लाभ सिंह की आयु 65 साल है। वह पूर्व सैनिक हैं। उन्होंने पाकिस्तान और चीन के साथ हुए युद्ध में भी भाग लिया है। उसने बताया कि उनके पिता टीबी की बीमारी से पीड़ित हैं। सिविल अस्पताल में लेकर आए तो पहले उन्हें पर्ची कटवाने के लिए एक घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। इसके बाद डॉक्टर से मिलने के लिए भी इंतजार करना पड़ा। इस सबके बीच डॉक्टरों ने उन्हें एक्सरे व जरूरी टेस्ट करवाने की हिदायत दी। पिता की हालत खराब होने के चलते वह चलने-फिरने से असहाय थे। यहां तक कि वह कंधों का सहारा लेकर भी चल नहीं पा रहे थे। किसी तरह का सहारा नहीं मिला तो उन्हें अपने पिता को मजबूरन पीठ में उठाना पड़ा।

Posted By: Jagran

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