संस, बठिडा: करवाचौथ आने में करीब तीन दिन बचे हैं। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बाजारों में भी खूब रौनक देखने को मिल रही है। मिठाइयों से लेकर कास्मेटिक तक महिलाओं में उत्सुकता देखी जा रही है। इस पर्व को लेकर बाजारों में आई राजस्थानी चूड़ियां महिलाओं की पहली पंसद बनी हुई हैं।

बाजार में राजस्थान से बनी लाख की चूड़ियों की डिमांड बहुत आ रही है, जिसे महिलाएं खूब पसंद कर रही हैं। इसके साथ ही कास्टमेटिक की दुकानों पर भी नई-नई आइटम आ रही हैं। बाजारों में पूरी रोनक है। वहीं इस बार चीन में बने सामान की बिक्री कम हो रही है। महिलाएं ज्यादातर भारतीय कांच की चूड़ियां ही पहनना पसंद कर रही हैं। वहीं लाख से चूड़ियां पहनना पसंद कर रही हैं। इस कारण ज्यादातर दुकानदार भी भारत से बना सामान ही बेच रहे हैं। लोगों का कहना है कि भारत का सामान बेशक महंगा हो लेकिन क्वालिटी अच्छी होती है। शहर में सभी मुख्य बाजारों में भी चूड़ियों व कास्टमेटिक सामान के स्टाल लगाए गए हैं, जहां पर महिलाएं खरीदारी करने के लिए पहुंच रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बार पर्व का सीजन शुरू होने के बाद पिछले वर्ष की अपेक्षा अच्छा कार्य है, जिससे अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। चीन में बना सामान नहीं खरीद रहे लोग

कास्मेटिक प्रोडक्ट में भी काफी बिक्री स्वदेशी सामना की हो रही है। मेहना चौक स्थित दुकान के मालिक दीपक कुमार ने बताया कि भारतीय कंपनी अपने प्रोडक्ट में काफी छूट दे रही हैं। इसलिए हम लोग चाइना के प्रोडक्ट कम ही इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग भी ज्यादातर भारतीय सामान का प्रयोग कर रहे हैं। इसलिए इस बार चीन में बना सामान कम ही खरीदा जा रहा है। कांच के साथ-साथ लाख की चूड़ियों की भी डिमांड

जयपुर ज्वैलर्ज के मालिक मुकेश कुमार बिट्टू ने बताया कि हालांकि पहले महिलाएं करवाचौथ पर कांच की चूड़यां ही पहना करती थीं, लेकिन अब समय के साथ ट्रेंड भी बदल गया है। अब महिलाएं स्वदेशी लाख की चूड़ियां भी पसंद कर रही हैं। अब कांच की चूडि़यों के बजाय अन्य चूड़ियां ज्यादापसंद की जा रही हैं। उनके पास दो रुपये लेकर 50 रुपये प्रति एक चूड़ी तक की रेंज उप्लब्ध है। इनको महिलाओं द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।

Edited By: Jagran