जासं, बठिडा : इस बार चुनाव आयोग डिजिटल बैलेट से चुनाव कराने जा रहा है। इसके लिए सर्विस मतदाताओं को भी वोट डालने का अधिकार मिलेगा, उनको इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) एप के जरिए वोट डालने की सुविधा मिलेगी। इससे उनके पास मतपत्र भेजने में बहुत आसानी होगी। इसका बठिडा लोकसभा हलके में 7120 सर्विस वोटर लाभ उठाएंगे। जबकि यह डाटा चुनाव लोकसभा का हो या विधानसभा का, निर्वाचन कार्यालय को शहर से जुड़े सर्विस मतदाताओं के वोट के लिए व्यवस्था करनी होती है। गौर हो कि इस प्रोजेक्ट को पिछली बार लुधियाना में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया था, जिसको अब पूरे पंजाब में लागू कर दिया है।

सर्विस वोटर के लिए अब तक मतपत्र छापकर लिफाफे भेजे जाते थे। मतदाता इन पर मुहर लगाकर वापस भेज देते हैं। निर्वाचन कार्यालय में इनकी अलग से गिनती होती थी। पहले से भेजे जाने या खो जाने के कारण मतपत्र की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहती थी। मगर अब सर्विस मतदाताओं को वोट करने की सुविधा देने के लिए ईटीपीबीएस एप का प्रयोग किया जाएगा। निर्वाचन कार्यालय जिले के सभी सर्विस मतदाताओं के नाम इस एप में दर्ज करेंगे। एप के जरिए वह सर्विस वोटर भी वोट डाल सकेंगे, जो दूसरे स्टेट में नौकरी कर रहे हैं। एप से वोट डालने में होगी सुविधा

एप में सर्विस मतदाता अपनी वोटर यूनिक आइडी डालकर ओटीपी से क्यूआर कोड जेनरेट करेंगे। इसके बाद एप से बैलेट पेपर को डाउनलोड कर प्रिट निकालेंगे। इस प्रत्याशी को वोट देना होगा, उस पर मुहर लगाकर छोटे लिफाफा में डालेंगे और सील करेंगे। छोटे लिफाफा को बड़े लिफाफे में रखा जाएगा। उन्हें घोषणा पत्र भरना होगा। इसके बाद विभागीय अफसर से पत्र पर हस्ताक्षर कराएंगे और इसे डाक से निर्वाचन कार्यालय भेज देंगे।

पहली बार एम-थ्री

ईवीएम का प्रयोग होगा

जिले में करीब एक हजार से ज्यादा ईवीएम का प्रयोग होगा। इसमें इस बार एम थ्री इवीएम का प्रयोग किया जा रहा है। सभी बूथों पर एम थ्री थर्ड जेनरेशन की ऐसी ईवीएम हैं जिसमें सेल्फ डॉयग्नोसिस की सुविधा है। यानी मशीन चालू करने पर यह खुद तकनीकि खामियों की पड़ताल कर लेती है। इस इवीएम में वीवीपैट की डिस्प्ले कंट्रोल यूनिट पर आती है। 2014 में एम टू मशीन का प्रयोग हुआ था। सर्विस वोटरों के लिए तैयार किया है एप : बांसल

सभी मतदाताओं को एक यूनिक आइडी और क्यूआर कोड दिया जाएगा ताकि एप से कोई और मतपत्र को डाउनलोड न कर सके। मतदाताओं को अलग से एक छोटा लिफाफा, एक बड़ा लिफाफा, घोषणा पत्र, अनुदेश का लिफाफा भेजा जाएगा। इस अनुदेश में मतदाता को यह भी बताया जाएगा कि वोट कैसे डालेंगे। जबकि वोट डालने के बाद इनको फिजिकली ही भेजा जाएगा, जिसके बाद वोट की गिनती होगी। भारत भूषण बांसल,

चुनाव तहसीलदार।

Posted By: Jagran

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