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बारिश के बाद बठिंडा में डेंगू का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर शुरू किया लार्वा जांच अभियान

Published: Wed, 12 Aug 2026 01:33 PM (IST)

बारिश के बाद बठिंडा में डेंगू का खतरा बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर लार्वा जांच अभियान तेज किया है।

बारिश के बाद बठिंडा में डेंगू का खतरा (प्रतीकात्मक फोटो)

बारिश के बाद बठिंडा में डेंगू का खतरा (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. स्वास्थ्य विभाग घर-घर लार्वा की जांच कर नष्ट कर रहा।

  2. नगर निगम स्लम क्षेत्रों में फागिंग अभियान बढ़ा रहा है।

  3. सिविल अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए वार्ड तैयार।

नितिन सिंगला, बठिंडा। बारिश के बाद शहर में जगह-जगह पानी जमा होने से डेंगू का खतरा बढ़ गया है। बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से एडीज मच्छर के पनपने की आशंका बढ़ जाती है।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी डेंगू के अधिक मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन आगामी दिनों में संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते हुए विभाग ने रोकथाम के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान तेज कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर कूलर, गमले, खाली बर्तन, पक्षियों के पानी के बर्तन और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं। जहां मच्छर का लार्वा मिल रहा है, उसे मौके पर ही नष्ट कराया जा रहा है। साथ ही लोगों को घरों और आसपास पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

डीएचओ डॉ. ऊषा गोयल ने बताया कि डेंगू को 'ब्रेकबोन फीवर' भी कहा जाता है। अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली-उल्टी, भूख कम लगना और शरीर पर दाने इसके सामान्य लक्षण हैं।

लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव, त्वचा पर रैश, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक प्यास या कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के मामले में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव में मच्छरों से सुरक्षा और आसपास सफाई रखना सबसे प्रभावी उपाय है। घरों में कूलर, गमले, फूलदान, नालियां, खाली बर्तन और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें।

शरीर को ढकने वाले हल्के रंग के कपड़े पहनें तथा मच्छरदानी और जरूरत के अनुसार मच्छररोधी रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना भी मच्छरों से बचाव में मददगार है।

डेंगू वार्ड में उपचार व निगरानी की व्यवस्था

बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सिविल अस्पताल प्रबंधन ने भी तैयारियां की हैं। संभावित मरीजों की जांच, उपचार और निगरानी के लिए स्टाफ को विशेष हिदायतें दी गई हैं। संदिग्ध मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आवश्यक जांच करवाने और समय पर उपचार उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।

स्लम क्षेत्रों में फागिंग बढ़ाई

नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर संदीप कटारिया ने बताया कि शहर में पिछले कुछ दिनों से फॉगिंग करवाई जा रही है। बारिश की संभावना को देखते हुए शहर से सटे स्लम क्षेत्रों में भी फॉगिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मानसून सीजन के दौरान फॉगिंग का सिलसिला जारी रहेगा।

सिविल सर्जन बठिंडा डा. तपिंदरजोत कौशल के अनुसार, बारिश के बाद एडीज मच्छर के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। फिलहाल डेंगू की स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है।

डेंगू के संभावित मरीजों के उपचार के लिए सिविल अस्पताल में अलग डेंगू वार्ड की व्यवस्था की गई है। अस्पताल स्टाफ को बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी और त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षणों के साथ आने वाले मरीजों की उचित जांच और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।