बठिंडा में सड़क हादसों का बढ़ता आंकड़ा चिंताजनक, हर महीने औसतन 54 सड़क हादसे
बठिंडा जिले में हर महीने औसतन 54 सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनका सालाना आंकड़ा 650 से अधिक है। आरटीआई ...और पढ़ें
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बठिंडा में हर महीने औसतन 54 सड़क हादसे, सालाना आंकड़ा 650 पार।
HighLights
बठिंडा में हर महीने औसतन 54 सड़क हादसे।
आरटीआई से 1681 हादसों का आंकड़ा सामने आया।
रोड सेफ्टी फोर्स की पारदर्शिता पर उठे सवाल।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा जिले में सड़क हादसों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। जिले में हर महीने औसतन करीब 54 सड़क दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि सालाना आंकड़ा 650 से अधिक पहुंच रहा है।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 फरवरी 2024 से 31 अगस्त 2026 तक सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) के पास जिले में कुल 1681 सड़क हादसों के मामले पहुंचे। वहीं, एसएसएफ की तैनात गाड़ियों की कुल संख्या, उनकी मरम्मत पर हुए खर्च और कर्मचारियों की संख्या संबंधी जानकारी नहीं मिलने से पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आरटीआई से मिले आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 453, वर्ष 2025 में 694 और वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में 534 सड़क हादसे दर्ज किए गए। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं के मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। वर्ष 2025 में हादसों की संख्या सबसे अधिक रही। बठिंडा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता संजीव गोयल ने 4 सितंबर 2026 को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय में ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दायर किया था।
इसमें उन्होंने बठिंडा जिले में सड़क सुरक्षा फोर्स के पास पहुंचे सड़क हादसों की संख्या के अलावा फोर्स के वाहनों और कर्मचारियों से संबंधित जानकारी मांगी थी। डीजीपी कार्यालय ने आवेदन को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सड़क सुरक्षा फोर्स, पंजाब, चंडीगढ़ के कार्यालय में भेज दिया। संजीव गोयल के अनुसार, संबंधित सहायक लोक सूचना अधिकारी ने 22 सितंबर 2026 को पत्र संख्या 7107 के माध्यम से जवाब दिया।
इसमें जिले में वर्षवार सड़क हादसों के आंकड़े उपलब्ध करवाए गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 1 फरवरी से 31 दिसंबर 2024 तक 453 हादसे हुए। वर्ष 2025 में 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक 694 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं, 1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 तक 534 हादसे सामने आए। इस तरह कुल 31 महीनों के दौरान हादसों की संख्या 1681 रही।
गाड़ियों की मरम्मत पर खर्च और स्टाफ की जानकारी नहीं मिली
संजीव गोयल ने आरटीआई आवेदन में बठिंडा जिले में सड़क सुरक्षा फोर्स के तहत तैनात वाहनों की कुल संख्या, उनकी मरम्मत पर शुरुआत से अब तक हुए खर्च, तैनात कर्मचारियों की संख्या और वाहनों की लागबुक की प्रतियां भी मांगी थीं।
गोयल के अनुसार, संबंधित कार्यालय ने आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 8(1)(स्त्र) का हवाला देते हुए तथा जानकारी एकत्र करने संबंधी कारण बताते हुए इन सूचनाओं को देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने संबंधित अपीलीय प्राधिकारी के पास अपील दायर कर दी है।
आरटीआई कार्यकर्ता ने सवाल उठाया कि सरकारी वाहनों की मरम्मत पर हुए खर्च, वाहनों की कुल संख्या और तैनात कर्मचारियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाने में क्या बाधा है। उन्होंने सड़क सुरक्षा फोर्स की सरकारी गाड़ियों की मरम्मत पर हुए खर्च की विजिलेंस या किसी अन्य सक्षम सरकारी एजेंसी से जांच करवाने की मांग भी की है। हालांकि, इस मामले में किसी अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे की स्थिति में 112 नंबर पर करें फोन
पंजाब में सड़क सुरक्षा फोर्स की शुरुआत 1 फरवरी 2024 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध करवाना और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाना है। किसी भी सड़क हादसे या आपात स्थिति में लोग 112 नंबर पर फोन करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
