गुरप्रेम लहरी, बठिडा :

सरकार जी! साड्डे पिड नूं तां हरियाणा च ही शामिल कर देयो। पीन दा पानी वी नहीं मिल रहेया। जदों वी पंजाब दे किसे अफसर या लीडर नाल गल्ल करदे हां तां कह दिदे ने भाखड़ा नहर दा मोघा (पानी का निकासी कटाव) हरियाणे च है। ओह कुछ नहीं कर सकदे। जदों हरियाणे वालेयां नाल गल्ल करदे हां तां ओह कह दिदे ने कि तुहाडा पिड तां पजांब च है, असीं कुछ नहीं कर सकदे। यह दर्द हरियाणा की सीमा के साथ लगते बठिडा जिले के छोर बसे गांव ज्ञाना के लोगों का है।

दैनिक जागरण टीम ने गांव का दौरा किया तो देखा गांव में अन्य सुविधाएं तो दूर पीने के पानी का भी संकट है। भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए पसीना बहा रहे हैं। ग्रामीण तीन किलोमीटर दूर हरियाणा में जाकर भाखड़ा नहर से पानी लेकर आते हैं। पानी के लिए टैंकर चालकों को तीन-चार सौ रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से देना पड़ता है। यही नहीं, पानी स्टोर करने के लिए लोगों ने अपने घरों में डिग्गियां बनाई हुई हैं। यूं कहें कि पंजाब का यह गांव पीने के पानी के लिए हरियाणा पर निर्भर है तो कुछ गलत नहीं। गांव वासी अमरीक सिंह ढिल्लों ने बताया कि भाखड़ा नहर महीने में दस-पंद्रह दिन बंद रहती है। इस दौरान लोग नहर में जमा काले पानी को पीने को मजबूर हो जाते हैं। अमरीक सिंह ढिल्लों ने बताया कि उनके गांव में वाटर व‌र्क्स तो है लेकिन उसकी डिग्गियों की कभी सफाई नहीं की गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पीने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा।

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पानी के बिना बंजर हुई सौ एकड़ जमीन

सिचाई के लिए कहने को तो पेप्सू व भाखड़ा दो नहरों में मोघे हैं, लेकिन यह गांव टेल पर होने के कारण पानी बिल्कुल भी नहीं मिलता। गांव के किसान भुपिदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि उनका एक खेत 11 एकड़ का है। इसमें से पांच एकड़ में झींगा फार्म बना दिया। अब छह एकड़ जमीन सिंचाई के अभाव में बंजर हो रही है। किसान अमरीक सिंह ने बताया कि उनके गांव में करीब सौ एकड़ जमीन पानी की कमी के कारण बंजर हो चुकी है। उनकी खुद पांच एकड़ जमीन सिंचाई के अभाव में बंजर हो चुकी है।

1800 फीट तक धरती का पानी हुआ खारा

युवा किसान मनदीप सिंह ढिल्लों ने बताया कि उनके गांव में न तो नहरी पानी पहुंचता है और न ही भूजल ही पीने व सिचाई लायक है। गांव में 1800 फीट गहरे तक पानी के सैंपल लेकर चेक किए जा चुके हें लेकिन पानी खारा होने के कारण इस्तेमाल करने के लायक नहीं है। पानी की कमी के कारण गांव में कोई पौधा भी तैयार नहीं हो रहा।

डीसी मामले से अंजान

डीसी शौकत अहमद ने कहा कि मामला मेरे ध्यान में नहीं था कि जिले में कोई ऐसा गांव भी है जहां पर पीने के पानी की भी समस्या है। वाटर सप्लाई व सेनिटेशन के एक्सईएन को इस गांव पर चर्चा करने के लिए बुलाया है। जल्द इस समस्या से निजात दिलाई जाएगी।

Edited By: Jagran