संवाद सहयोगी, ब¨ठडा : दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से मौड़ मंडी में एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें साध्वी हरजोत भारती ने श्रद्धालुओं को प्रवचनों से माध्यम से समझाते हुए कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति उस ईश्वर द्वारा बनाई हुई सुंदर सृष्टि को देखकर आकर्षित होता है, लेकिन इस सृष्टि में एक दृष्टि इससे भी अधिक अद्भुत व व्यापक है। चाहे आप किसी खुले आसमान के नीचे हों या भीड़भाड़ वाले स्थान पर, किसी घने जंगल में चले जाएं या फिर किसी ऐसी गुफा में जहां सूर्य की किरण भी प्रवेश न करती हो, चाहे किसी एकान्त स्थान पर हों या फिर पृथ्वी के दूसरे छोर तक पहुंच जाएं, परंतु वह दृष्टि सदैव आपको देख रही है। आप समझ ही गए होंगे यह दृष्टि किस की है। सृष्टि के नियंता सर्वव्यापक ईश्वर की। उसकी दृष्टि निरंतर हमें देख रही है।

साध्वी ने बताया कि आज संसार को देखकर हम उसी में डूब जाते हैं परंतु इंसान परमात्मा को भूल जाता है। अगर हमें किसी वस्तु का अनुभव करना है तो उसके पास जाना पड़ता हैं। इसी प्रकार उस ईश्वर का अनुभव अपने अंतर में करने के लिए हमें भी आवश्यकता हैं पूर्ण सदगुरु की शरण में जाने की। इस कारण हम अंतर जगत में अनेक अनुभव करके उस व्यापक दृष्टि को भी देख सकते हैं, जो निरंतर, हर पल, हर दिशा से उनकी ओर निहार रही हैं।

Posted By: Jagran

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