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बठिंडा और मानसा में किसानों का जिला प्रबंधकीय परिसरों पर कब्जा, प्रदर्शनकारियों ने बंद किए गेट; सरकारी कामकाज ठप

Published: Tue, 06 Oct 2026 11:08 AM (IST)

पंजाब के बठिंडा और मानसा जिलों में किसान अपनी मांगों को लेकर जिला प्रबंधकीय परिसरों के गेट बंद कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसान मांगों को लेकर दे रहे धरना (जागरण फोटो)

किसान मांगों को लेकर दे रहे धरना (जागरण फोटो)

HighLights

  1. किसान बठिंडा और मानसा में जिला प्रबंधकीय परिसरों के गेट बंद किए।

  2. प्रदर्शन के कारण सरकारी दफ्तरों में कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा।

  3. किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को परिसर में अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं।

जागरण संवाददाता, बठिंडा। पंजाब के विभिन्न जिलों में मांगों को लेकर किसानों की ओर से जिला प्रबंधकीय परिसर के सभी गेटों का बंद कर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।

किसान सोमवार से यहां धरना-प्रदर्शन करने में जुटे हैं। इस दौरान किसी भी कर्मचारी को अंदर जाने नहीं दिया गया। इस कारण जिला प्रबंधकिय परिसर में बने सभी सरकारी दफ्तरों में काम बंद पड़ा है।

मानसा में भी दिखा असर

वहीं, मानसा में भी किसान जिला प्रबंधकीय परिसर के गेट पर लगा रहे हैं। इस बीच किसान संगठन उगराहा की ओर से मंगलवार सुबह प्रबंधन के परिसर को जाने वाले दोनों गेट को बंद करते धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। प्रशासन की ओर से किसानों के प्रदर्शन को देखते धरना स्थल के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

इस दौरान किसी भी अधिकारी और कर्मचारियों को प्रबंधन के परिसर के अंदर और बाहर जाने की अनुमति नहीं है। नतीजन डीसी, एसएसपी समेत अन्य विभागों के अधिकारी अपने दफ्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं।

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बेशक सोमवार को जिले में मुख्यमंत्री की लोक मिलनी को लेकर पूरा प्रशासन गांव फत्ता मालोका में व्यस्त होने के कारण बड़े अधिकारी दफ्तर तक नहीं पहुंच पाए, लेकिन किसानों ने मंगलवार सुबह ही प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स के बाहरी गेट से आगे बढ़ते परिसर के अंदर जाने वाले दोनों दरवाजों को बंद करते सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।

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किसान नेता राम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री गांव की चौपाल में लोगों की समस्या हल करने के दावे कर रहे हैं, लेकिन किसानी मांगों को लेकर पिछले महीने डीसी दफ्तरों के आगे दिन रात का धरना देने के बाद भी सरकार उनकी मांगे मानने को मंजूर नहीं है। किसान नेता ने कहा कि संगठन की प्रदेश कमेटी नेताओं कि फैसले अनुसार प्रबंधकीय कांप्लेक्स का। घेराव जारी रहेगा।

प्रदर्शन में ही लंगर का प्रबंध

प्रबंधकीय कांप्लेक्स में धरने पर बैठे किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई है ताकि किसान लंगर खाने के लिए इधर-उधर में जा सके।