साहिल गर्ग, ब¨ठडा : पेट्रोल डीजल की बढ़ रही कीमतों के विरोध में सोमवार को भारत बंद के आह्वान पर ब¨ठडा में भी कांग्रेसी नेताओं की ओर से प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों की ओर से सद्भावना चौक में धरना लगाने के बाद शहर में रोष मार्च निकाला गया। इसकी अगुवाई कांग्रेस के सीनियर नेता जयजीत ¨सह जोहल ने की। जबकि धरना लगाने से पहले कांग्रेसी नेताओं ने बाजारों में दुकानें बंद करवाई और धरना खत्म होने के बाद दुकानें भी खुलती हुई नजर आई। धरना सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े 12 बजे तक दिया गया। धरने के दौरान कांग्रेस के सीनियर नेता जयजीत ¨सह जोहल व बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता पहुंचे। कुल मिलाकर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान बंद का मिलाजुला असर ही देखने को मिला। कहीं पर दुकानें खुली तो कहीं बंद रही। बेशक धरने के दौरान दुकानदार भी अपनी दुकानों को खोलने से कतराते रहे। मगर जैसे ही धरना खत्म हुआ बाजार फिर से पहले ही तरह खुल गया। दूसरी तरफ धरने के बाद मार्च निकाला गया, जो फायर ब्रिगेड चौक पर पहुंच कर समाप्त हुआ।

अकाली नेताओं की छोड़ बाकी

ट्रांसपोट्ररों की बसें रहीं बंद

कांग्रेस के बंद का समर्थन करते हुए बस ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल में पूरी तरह से राजनीति देखने को मिली। बेशक प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों की ओर से डीजल का रेट बढ़ने के विरोध में बसें बंद रखी। लेकिन अकाली नेताओं की बसें रूटीन की तरह चलती रहीं। इसमें सबसे अहम बादल परिवार की ऑर्बिट व उनके नजदीकी ¨डपी ढिल्लों की न्यू दीप ट्रांसपोर्ट बंद नहीं हुई। इसी प्रकार लाली बादल की फतेह ट्रांसपोर्ट के अलावा बादल परिवार के नजदीकियों की राज व लिबड़ा बस सर्विस भी चलती रही। मगर हड़ताल में भी बस ट्रांसपोर्टर दो पक्षों में दिखाई दिए।

बस स्टैंड रहा सुनसान

प्राइवेट बस ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण लोगों को हुई। जिले में 100 के करीब मिनी बसें चलती हैं, जिनके द्वारा लोग गांवों तक पहुंचते हैं। लेकिन हड़ताल के कारण कोई भी मिनी बस नहीं चली। यहां तक कि बस स्टैंड पर हड़ताल के कारण ज्यादातर बसों के टाइम मिस होने से लोग परेशान होते दिखाई दिए। हड़ताल का असर यह रहा कि कुल 250 के करीब प्राइवेट बड़ी व छोटी बसों के बंद रहने से प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों को 15 लाख के करीब का नुकसान भी हुआ। जबकि मालवा जोन बस ऑपरेटर यूनियन के कनवीनर बलतेज ¨सह के अनुसार बेशक उनको 15 लाख के करीब नुकसान हुआ है, लेकिन उनको अब बचता भी कुछ नहीं है। डीजल के रेट इतने ज्यादा हो गए हैं कि अब तो खर्चे भी मुश्किल से निकल रहे हैं।

मोदी सरकार ने लोगों पर बढ़ाया आर्थिक बोझ

कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर टैक्स लगाकर 52 महीनों में ही 11 लाख करोड़ का मुनाफा कमाया है। जबकि मई 2014 में कच्चे तेल की कीमत अंतर राष्ट्रीय बाजार में 107.09 बैरल थी, जो मौजूदा समय में कम होकर 73 बैरल हो गई। जिस हिसाब से कीमत कम होनी चाहिए। मगर मोदी सरकार ने 52 महीनों में तेल की कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ा दी हैं कि आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं साल 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.2 रुपए प्रती लीटर थी, जो आज 19.48 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई है। इसी प्रकार डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 3.46 रुपए प्रति लीटर से 15.33 रुपए तक पहुंच गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल की बढ़ रही कीमतों को कम न किया तो कांग्रेस की ओर से संघर्ष किया जाएगा।

अकालियों की ओर से किए कब्जों की विजिलेंस से जांच होगी : जोहल

धरने के दौरान कांग्रेस के सीनियर नेता जयजीत ¨सह जोहल ने अकाली नेताओं को चेतावनी दी कि उनकी ओर से जहां भी कब्जे किए गए हैं, उनकी विजिलेंस जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा आरोप लगाया कि अकालियों की ओर से उनको बदनाम किया जा रहा है, क्योंकि एम्स का निर्माण शुरू करने के लिए अकालियों द्वारा जो एनवायरमेंटल क्लीयरेंस न देने की मंच से बात की गई, असल में वह 24 अगस्त से दो दिन पहले ही जारी कर दी थी।

धरने में ये रहे उपस्थित

धरने में कांग्रेसी नेताओं में अशोक कुमार, मोहन लाल झुंबा, केके अग्रवाल, अरुण वधावन, पवन मानी, टहल ¨सह संधू, सतपाल भटेजा, इंद्र साहनी, राजू भट्ठेवाला, राज नंबरदार, दर्शन घुद्दा, बल¨जदर ठेकेदार के अलावा राम प्रकाश रामा, हर¨वदर लड्डू, बेअंत ¨सह, मलकीत ¨सह, प्रिथिपाल जलाल, भगवान दास भारती, जगराज ¨सह, यशोदा रानी, हरीओम ठाकुर, करमजीत ग्रेवाल, बलजीत ¨सह, शौनक जोशी, रघुवीर बराड़, मनोज वर्मा, रजनी बाला, यश शर्मा, कांता रानी, जसमेल कौर, साजन शर्मा, जसवीर ढिल्लों, हरजोत सिद्धू, चमकौर मान, सरफराज गिल, अश्वनी बंटी, नत्थू राम, प्रकाश चंद आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran