जागरण संवाददाता, बठिडा: पंजाब रोडवेज व पनबस कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन की ओर से सोमवार को बठिडा डिपो के गेट पर धरना लगाकर रोष रैली की गई। सरकार से मीटिग होने के बाद भी उनकी मांगों की तरफ ध्यान न दिए जाने के विरोध में उन्होंने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान डिपू प्रधान संदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने जब पहले हड़ताल की थी तो ट्रांसपोर्ट मंत्री ने यूनियन को भरोसा दिया था कि वह 10 दिन में अपनी प्रपोजल बनाकर सरकार को दे दें। इसके बाद सात दिन में केबिनेट मीटिग कर इसका हल कर दिया जाएगा। यूनियन द्वारा प्रपोजल बनाकर भी दे दी गई थी, जिसको आज 21 दिन का समय बीत गया है।, लेकिन सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी। इस कारण उनके द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान नेताओं ने मांग की कि 10 हजार नई बसों को पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी में डाला जाए। कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए। सरकारी ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया। यूनियन की ओर से फैसला लिया गया है कि नौ से 11 अगस्त तक तीन दिवसीय हड़ताल कर कैप्टन अमरिदर सिंह या नवजोत सिंह सिद्धू के घर के आगे प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले तीन व चार अगस्त की दो दिवसीय हड़ताल कर 4-4 घंटे के लिए बस स्टैंड जाम कर पंजाब सरकार का पुतला फूंका जाएगा। इसके अलावा बसों में सरकार के खिलाफ प्रचार कर मंत्रियों का घेराव भी किया जाएगा। सरकारी लैब निजी हाथों में सौंपने का विरोध

सरकारी अस्पतालों की लेबोरटरियों को प्राइवेट हाथों में देने के विरोध में सोमवार को मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन एसोसिएशन बठिडा की तरफ से सिविल अस्पताल में दो दिवसीय हड़ताल शुरू की गई। एसोसिएशन के महासचिव हाकम सिंह के अगुआई में जिले के तमाम एमएलटी ने ब्लड बैंक के बाहर रोष धरना शुरू किया है। इस दौरान केवल इमरजेंसी केस छोड़कर अन्य किसी मरीज को सेहत सेवाएं नहीं दी गईं। कर्मियों की हड़ताल के चलते अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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