जागरण संवाददाता, बठिडा: शहर के घरों और व्यापारिक संस्थानों से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों सोमवार को भी हड़ताल जारी रही। उधर, लगातार पांच दिन से चल रही हड़ताल के कारण पैदा हुई कचरा उठाने की समस्या के विकल्प के तौर पर निगम अधिकारियों ने अपने स्थायी कर्मचारियों को ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर गलियों में उतार दिया है। डंपों से कचरा उठाने के लिए भी अपनी जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रालियों को लगा दिया है।

इसके अलावा सेनीटेशन शाखा ने शहर के कई शौचालयों को भी खुलवा दिया। सोमवार सुबह बस स्टैंड के सामने स्थित शौचालय को खोलने जब सेनीटेशन शाखा के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सतीश कुमार बंडरवाल और संदीप कटारिया पहुंचे तो वहां हड़ताल पर चल रहे कर्मचारी भी पहुंच गए और विरोध करने लगे। अधिकारियों ने मौके पर पुलिस बुला ली, जिसके बाद हड़ताली कर्मचारी लौट गए।

उधर, हड़ताली कर्मचारियों ने मिन्नी टिप्पर खड़े करने वाली जगह पर अपने धरने को जारी रखा। इस दौरान शिअद के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सरूप चंद सिगला भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और समर्थन दिया। कहा कि राज्य सरकार इनकी मांगों को पूरा करे ताकि यह लोग काम पर लौट सकें और शहर की बहदाल हो चुकी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

पीआरटीसी के कंडक्टरों ने बस स्टैंड पर लगाया जाम पीआरटीसी डिपो के कंडक्टरों ने एक चेकिग अधिकारी के खिलाफ बस स्टैंड पर जाम लगा दिया। कंडक्टरों का आरोप था कि चेकिग अधिकारी ने उनके कंडक्टर के साथ बदसलूकी की है, जबकि बस स्टैंड के गेट पर लगाया गया धरना आधे घंटे के बाद अधिकारियों के आश्वासन से समाप्त हुआ। दूसरी तरफ आधा घंटा बस स्टैंड के बंद रहने से कोई भी बस नहीं चल पाई, जिस कारण बसों में बैठी सवारियों को भी परेशान होना पड़ा।

वहीं कंडक्टरों ने चेतावनी दी कि जब तक चेकिग अधिकारी पर एफआइआर दर्ज करने के अलावा उसको सस्पेंड नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर वह बठिडा के अलावा पंजाब के सभी पीआरटीसी व पंजाब रोडवेज के डिपो बंद कर देंगे। दूसरी तरफ डिपो के जीएम रमन शर्मा ने बताया कि कंडक्टर व चेकिग अधिकारी को लेकर बातचीत की जा रही है। जबकि इस मामले की हेड आफिस ने जांच बिठा दी है, जिनके द्वारा रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर ही कार्रवाई होगी।

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