जागरण संवाददाता, ब¨ठडा : गांव रामनवास में बीते मंगलवार की रात को अवैध शराब के शक में छापामारी करने गई शराब ठेकेदारों तथा पुलिस की टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। इस दौरान ठेकेदारों के का¨रदों व लोगों के बीच झड़प भी हो गई। लेकिन देखते ही देखते बड़ी गिनती में लोग इकट्ठा हो गए और लोगों ने शराब ठेकेदारों का का¨रदों और पुलिस मुलाजिमों पर हमला बोल दिया। शराब ठेकेदार के का¨रदे तो किसी तरह से मौके से फरार हो गए, लेकिन एक हवलदार सुख¨जदर ¨सह को लोगों ने बंधक बना लिया और उसकी मारपीट भी की। थाना बालियांवाली के प्रभारी जय ¨सह ने पुलिस पार्टी सहित मौके पर पहुंच हवलदार सुख¨जदर ¨सह उनकी गिरफ्त से छुड़ाया।

जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात को गांव रामनवास निवासी गुरचरन ¨सह तथा जगसीर ¨सह अपनी गाड़ी से गांव बालियांवाली से अपने गांव को जा रहे थे। लेकिन गांव बालियांवाली के नजदीक से शराब ठेकेदारों की एक गाड़ी उनके पीछे लग गई। उनकी गाड़ी देख गुरचरन ¨सह व जगसीर ¨सह घबरा गए और गाड़ी तेज करते हुए अपने गांव में पहुंच गए। ठेकेदारों के साथ पुलिस कर्मी भी थे। इस दौरान शराब ठेकेदारों व पुलिस कर्मियों ने उनसे दु‌र्व्यवहार करना शुरू कर दिया। इस बीच ही लोग भी इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते ग्रामीणों और शराब ठेकेदार व पुलिस कर्मियों के बीच तल्खी हो गई। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान शराब ठेकेदार व अन्य पुलिस कर्मी वहां से फरार हो गए, लेकिन हवलदार सुख¨जदर ¨सह उनके काबू में आ गया। जिसे ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। बाद में शराब ठेकेदारों ने पुलिस को सूचना दी तो थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और बंधक हवलदार को छुड़वाया।

गुरचरन ¨सह व जगसीर ¨सह ने आरोप लगाया कि शराब ठेकेदारों के का¨रदों व पुलिस कर्मियों ने शराब पी हुई थी। नशे में उन्होंने उनके साथ बदसलूकी की। उनकी गाड़ी में डेढ़ लाख रुपये भी थे, जिसे ठेकेदार व पुलिस कर्मी निकालकर ले गए। थाना प्रभारी जय ¨सह ने कहा कि घायल हवलदार को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। उसके बयान लिए जा रहे हैं। मामले की पड़ताल के बाद ही अगली बनती कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Posted By: Jagran