जासं, बठिडा : पक्का करने की मांग को लेकर 13 दिनों से सेहत सेवाएं ठप कर सिविल अस्पताल में रोष धरना दे रहे राष्ट्रीय हेल्थ मिशन (एनएचएम) कर्मियों ने अपना संघर्ष तेज कर दिया है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने खाली बर्तन खड़ाकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष जताया। इस दौरान एनएचएम कर्मियों के समर्थन में सिविल अस्पताल के डाक्टर, स्टाफ नर्स, क्लेरिक्ल स्टाफ भी धरने में शामिल हुआ।

सोमवार को हड़ताल के दौरान जहां डाक्टरों ने एक घंटे तक अपनी ओपीडी सेवाएं बंद रखी, वहीं अस्पताल के कलेरिकल स्टाफ ने भी एनएचएम कर्मियों के समर्थन में पेन डाउन हड़ताल की। इस मौके पर एनएचएम कर्मियों का समर्थन करते हुए पीसीएमएस के प्रधान डा. जगरूप सिंह, रेडियोग्राफर संजीव कुमार, हाकम सिंह व महिदर सचदेवा, स्टाफ नर्स यूनियन की सिमरजीत कौर,गुरप्रीत कौर, सोनिया, फार्मेसी यूनियन से कुलविदर सिंह और सुखमंदर सिंह सिद्धू ने एनएचएम कर्मियों का समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यदि एक दिसंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में एनएचएम के कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला पंजाब सरकार की तरफ से नहीं लिया गया, तो भविष्य में सभी स्वास्थ्य सेवाओं का बहिष्कार कर संघर्ष और तेज किया जाएगा। वहीं आम आदमी पार्टी की बीसी विग की जिलाध्यक्ष मंदीप कौर रामगढिया भी एनएचएम कर्मियों को समर्थन देने के लिए धरने में पहुंची। मनदीप कौर रामगढि़या ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ झूठा ढोंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री यह सुनिश्चित करें कि कोरोना काल के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी लगन से करने वाले एनएचएम कर्मियों को पक्का करें। उन्होंने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी इस संघर्ष में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ खड़ी हैं। वहीं यूनियन ने ऐलान किया कि मंगलवार को खरड़ में राज्य स्तरीय रैली होगी। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। सरकार अपना वादा पूरा करे : यूनियन

एनएचएम इंप्लाइज यूनियन के नेताओं ने बताया कि सेहत मंत्री ने कोरोना के बाद सभी कोरोना योद्धाओं को रेगुलर करने का वादा किया था जोकि अभी तक पूरा नहीं किया गया। वहीं सेहत मंत्री के साथ पैनल मीटिग बेनतीजा रही। 4385 कर्मचारी पिछले 15 वर्ष में अपनी सेवाएं पूरी कर चुके हैं, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा कोरोना योद्धाओं के साथ मजाक किया जा रहा है। यह कर्मचारी लंबे समय से बहुत ही कम वेतन पर काम कर रहे हैं। इस दौरान यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सरकार द्वारा मुलाजिमों को पक्का करने का ऐलान नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रखेंगे।

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