जासं,बठिडा: अब सोया मिल्क, बादाम मिल्क या आइसक्रीम के अलावा अन्य कई ब्रांड्स पर मिल्क शब्द का इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की तरफ से इसका नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। इसके अनुसार मिल्क शब्द का इस्तेमाल सिर्फ पशुओं से मिलने वाले दूध और उससे बने उत्पाद के पैक पर ही किया जा सकेगा। इसके अलावा अन्य उत्पादों पर मिल्क शब्द का प्रयोग किया गया तो बनती कार्रवाई की जाएगी।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. ऊषा गोयल ने बताया कि नोटिफिकेशन के अनुसार जल्द ही जिले में चेकिग अभियान चलाकर इसे लागू करवाया जाएगा। गैर स्तनपायी स्त्रोतों, खास तौर पर पौधों, मेवा आदि से तैयार किए गए उत्पादों को दूध या दुग्ध उत्पाद नहीं कहा जा सकता है। बाजार में इस समय सोया मिल्क, ओट्स मिल्क, टोफू पनीर जैसे कई उत्पाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के नियमों के विपरीत बिक रहे हैं। एफएसएसएआइ ने इस संबंध पत्र जारी कर कार्रवाई के लिए व क्षेत्र में सर्च अभियान चलाने के लिए निर्देश जारी किए है। उन्होंने बताया कि नान डेयरी प्रोडक्ट और प्लांट बेस डेयरी प्रोडक्ट के पैक पर मिल्क शब्द का इस्तेमाल करने पर एफएसएसएआई ने अब पूरी तरह से रोक लगा दी है। नोटिफिकेशन में कहा है कि मिल्क शब्द का इस्तेमाल सिर्फ जानवरों से मिलने वाले दूध और उससे बने उत्पादों के पैक पर ही किया जाए। बिना दूध से बने उत्पाद पर मिल्क लिखने से भ्रम होता है कि ये दूध से बने हैं, जबकि उनमें दूध की मात्रा होती ही नहीं है।

Edited By: Jagran