सुभाष चंद्र, ब¨ठडा : नगर निगम की ओर से इस सप्ताह की जाने वाली जनरल हाउस की बैठक अब अगले सप्ताह होने के हालात पैदा हो गए हैं। इस सप्ताह बैठक किए जाने को लेकर हालांकि नगर निगम पिछले काफी दिनों से तैयारियों में जुटा हुआ था। लेकिन मंगलवार की देर शाम तक भी एजेंडा तैयार नहीं हो पाया था। बैठक में शिअद-भाजपा गठबंधन के सभी पार्षद शामिल हों और पूरी एकजुटता के साथ मुद्दों को उठाएं, इसकी भी रणनीति तैयार की जा रही है। मेयर बलवंत राय नाथ का कहना है कि उनकी कोशिश है कि हाउस में किसी भी पार्षद के वार्ड का विकास कार्य एजेंडा न रह जाए, इसलिए उन सभी पार्षदों से ही उनके वार्डों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की लिस्ट मांगी जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि विकास कार्यों सहित विभिन्न प्रस्तावों का एजेंडा अब वीरवार को जारी हो पाएगा।

एम्स की नकशा फीस माफ करने का भी होगा प्रस्ताव

जनरल हाउस की बैठक में जहां 30 करोड़ रुपये से भी अधिक राशि के विकास कार्यों के प्रस्तावों के अलावा विभिन्न दफ्तरी प्रस्ताव शामिल होंगे, वहीं ब¨ठडा में बनने वाले आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) की नकशा फीस करने का प्रस्ताव भी प्रमुख रूप में शामिल होगा। हालांकि सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव मुख्य एजेंडे में शामिल नहीं होगा। इसे टेबल एजेंडे के रूप में बैठक में मौके पर लाया जाएगा। गौरतलब है कि नगर निगम की ओर से बिना फीस के वसूली के एम्स का नक्शा पास किया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अम¨रदर ¨सह के शीघ्र अदायगी करने के आश्वासन पर बीते दिनों नगर निगम ने एम्स का नक्शा पास कर सौंप दिया था। इस नक्शे की फीस 4.98 करोड़ रुपये बनती है। जिसमें परमीशन फीस (पीएफ), एक्टर्नल डवलपमेंट चार्जेस (ईडीसी), अर्बन डवलपमेंट सेस (यूडीसी), बि¨ल्डग एप्लीकेशन फीस, बाउंडरी वाल चार्जेस, मलबा फीस, डेवलपमेंट चार्जेस, वाटर चार्जेस, काउ सेस व लेबर सेस शामिल हैं। लेकिन बाद में राज्य सरकार के मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग नगर निगम की इस फीस को पूरा या फिर फिर कुछ छूट देने की निकाय विभाग से मांग कर डाली है। उन्होंने दलील दी है कि इससे पहले म्युनिसिपल एक्ट 1976 के तहत ब¨ठडा में मैक्स अस्पताल के निर्माण के टैक्सों में छूट दी जा चुकी है। वहीं पिछले समय के दौरान ही एसजीपीसी के अधीन बने विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों तथा अस्पतालों के निर्माण में भी छूट दी जा चुकी है। इसी तरह ही एम्स के निर्माण में भी निगम अपने टैक्सों में छूट दे सकता है। बेशक निगम अधिकारी पांच करोड़ की इस फीस से कई विकास कार्य कराने की उम्मीदें लगाए बैठे थे। लेकिन राज्य सरकार के दबाव में जहां निगम अधिकारी यह फीस माफ करने को तैयार हो चुके हैं, वहीं निगम हाउस पर सत्तासीन अकाली दल के मेयर बलवंत राय नाथ सहित अन्य सभी अकाली-भाजपा गठबंधन के पार्षद पहले ही यह फीस माफ करने की तैयारी कर चुके हैं।

Posted By: Jagran