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बठिंडा के माइसरखाना मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों को बम थ्रेट, ईमेल के बाद सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट

Published: Thu, 04 Jun 2026 03:42 PM (IST)

बठिंडा के माइसरखाना मंदिर समेत प्रदेश के कई धार्मिक स्थलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली ...और पढ़ें

माइसरखाना मंदिर में जांच करते हुए पुलिस टीम।

माइसरखाना मंदिर में जांच करते हुए पुलिस टीम।

HighLights

  1. माइसरखाना मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों को धमकी।

  2. ईमेल में 6 जून 1984 और 'बदला' का जिक्र।

  3. सुरक्षा कड़ी, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते तैनात।

जागरण संवाददाता, बठिंडा। पंजाब के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। वीरवार को ईमेल के माध्यम से भेजी गई धमकी में बठिंडा जिले के मौड़ मंडी स्थित प्रसिद्ध माता माइसरखाना मंदिर का नाम भी शामिल होने से श्रद्धालुओं और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

सूचना मिलते ही पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार धमकी भरे ईमेल में 6 जून 1984 का उल्लेख किया गया है। संदेश में कई बार “बदला, बदला, बदला” लिखा गया है। इसके अलावा ईमेल में विस्फोट और आईईडी लगाए जाने का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि अब तक की जांच और तलाशी अभियान में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।

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Bhatinda

माइसरखाना मंदिर में जांच करते हुए पुलिस टीम।

माइसरखाना मंदिर की सुरक्षा कड़ी

धमकी मिलने के बाद माता माइसरखाना मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत कर दिया गया है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की जांच की जा रही है। मंदिर परिसर, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर निगरानी बढ़ाने और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

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चलाया गया तलाशी अभियान

वीरवार को पुलिस ने विशेष तलाशी अभियान भी चलाया। ग्रामीण क्षेत्र के उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह सरां की अगुआई में थाना कोटफत्ता और थाना मौड़ की पुलिस टीमों ने डॉग स्क्वॉड तथा बम निरोधक दस्ते के साथ मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों की गहन जांच की।

सुरक्षा कर्मियों ने मंदिर के अंदर और बाहर हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली। कई घंटों तक चले अभियान के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई।

साइबर सेल हुआ एक्टिव

सुरक्षा और साइबर एजेंसियां अब ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हैं। तकनीकी विशेषज्ञ ईमेल के स्रोत और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें। साथ ही यदि किसी को कोई संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। 

पहले भी मिल चुकी धमकियां

गौरतलब है कि इससे पहले भी बठिंडा के जिला न्यायालय परिसर, रेलवे स्टेशन और कई निजी शिक्षण संस्थानों को ईमेल के माध्यम से बम धमकियां मिल चुकी हैं। जांच के दौरान वे धमकियां झूठी साबित हुई थीं। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां इस ताजा मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

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