'हत्या नहीं, शहादत है'; मानसा में परविंदर झोटा के परिवार से मिले राकेश टिकैत, बोले- UP के युवा भी लगा रहे नशे के टीके
किसान नेता राकेश टिकैत ने पंजाब में नशे की गंभीर समस्या और इसके उत्तर प्रदेश तक फैलने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नशे के खिलाफ आंदोलन को शहादत बताया।
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किसान नेता राकेश टिकैत। फोटो जागरण
HighLights
टिकैत ने पंजाब में नशे की गंभीर समस्या पर चिंता जताई।
नशे के खिलाफ आंदोलन को शहादत, रुकने वाला नहीं बताया।
पंजाब सरकार से नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
संवाद सहयोगी, मानसा। किसान नेता टिकैत ने कहा कि आप कहीं भी जाएं तो पंजाब की जवानी और पंजाब के लोगों के प्रति एक संदेश है कि पंजाब में खेत में भी दवाई भी सबसे अधिक डालता है और पंजाब नशे की तरफ भी जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चले इस आंदोलन में लोग और सरकार इसे हत्या कहते हैं लेकिन यह शहादत है और नशे के खिलाफ यह आंदोलन रुकेगा नहीं।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि नशा मुक्ति के खिलाफ परविंदर झोटा का देश में यह पहला बलिदान है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ सख्ती की होती तो नशे का यह कैप्सूल उतर प्रदेश की जमीन पर नहीं पहुंचना था और ऐसे नशे के कारोबारी को तो सजा होनी ही चाहिए।
किसान नेता ने कहा कि यदि पंजाब को बचाना है तो मुख्यमंत्री को टाइट होना पड़ेगा और सरकार को टाइट रहना पड़ेगा। उन्होंने परविंदर झोटा के परिवार से भी मुलाकात की।
यूपी के युवा भी लगा रहे नशा के इंजेक्शन
किसान नेता टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार के चक्कर में नहीं आना है वो तो मौत में भी बापू से सांवत्ना देने नहीं पहुंचे थे, बल्कि वे वोट तलाश करने आए थे कि उनकी सरकार बनवा दो। उनकी सरकार बन जाएगी तो देश को नशा मुक्त कर देंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र में उनकी सरकार है। उन्होंने कहा कि नशे का सबसे बड़ा कारोबार गुजरात से होता है और बदनाम व बर्बाद पंजाब है। पंजाब के बाद हरियाणा और अब नशे की बीमारी उतर प्रदेश भी पहुंच चुकी है। उतर प्रदेश में भी युवा कैप्सूल और इंजेक्शन लगा रहे हैं।
