जागरण संवाददाता, ब¨ठडा : इंकम टैक्स भरने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) की ओर से दिया गया 15 दिन का अतिरिक्त समय तीन दिनों के बाद खत्म हो जाएगा। इसके चलते 15 सितंबर के बाद रिटर्न भरने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। जबकि विभाग ने पब्लिक की सुविधा के लिए रिटर्न भरने संबंधी ऑनलाइन सुविधा दे दी, लेकिन रिटर्न भरने में आम पब्लिक पांच अहम बातों का ख्याल जरूर रखें। रिटर्न में इन पांच चीजों की जानकारी देने में आपकी लापरवाही आपको इनकम टैक्स के चक्कर तो कटवा ही सकती है और इसके साथ-साथ पेनल्टी के दायरे में भी ला खड़ा कर सकती है। बहुत से लोग रिटर्न सीए या फिर अकाउंटेंट से या फिर खुद भरते हुए कुछ जानकारियां छिपा लेते हैं, जो भविष्य में उन्हें महंगी पड़ जाती हैं। इससे पहले भी इंकम टैक्स भरने की तारीख तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। इसको पहले 31 जुलाई से 31 अगस्त की, जिसके बाद 15 सितंबर की गई। फिलहाल 15 सितंबर तक रिटर्न भरने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। 1. इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए सही फॉर्म का करें चुनाव

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आयकर विभाग द्वारा सात तरीकों के फॉर्म दिए गए हैं। इसमें आय के हिसाब से अलग-अलग फॉर्म का इस्तेमाल करना होता है। इसलिए अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं तो फिर गलती से गलत इनकम टैक्स फॉर्म का चुनाव न कर लें। सैलरी लेने वालों को खासकर इसका ध्यान रखना होता है।

2. सैलरी समेत सभी जानकारी सही रूप से दें

कई बार ऐसा होता है कि आयकर भर रहे शख्स के पास एक या फिर ज्यादा जगह से आय प्राप्त हो रही होती है। यह ऐसी स्थिति में होता है जब आपको पिछले ऑर्गनाइजेशन से कुछ बकाया हो और वह पैसा मिल जाए या फिर आप किसी दूसरे ऑर्गेनाइजेशन से भी पैसा मिल रहा हो। ऐसी स्थिति में रिटर्न फाइल करते हुए आय की पूरी और सही जानकारी देनी आवश्यक होती है। 3.पीपीएफ, डिविडेंड इनकम की दें जानकारी

आयकर से कई तरह की आय पर छूट दी जाती है। इन आय में पर्सनल प्रोविडेंट फंड, डिविडेंड इनकम आदि शामिल हैं। लेकिन इसके बावजूद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय इन सभी की पूरी जानकारी देना जरूरी है। ऐसे में अगर आप आयकर रिटर्न फाइल कर रहे हैं तो जिन आय पर कर से छूट मिलती है, उसकी भी जानकारी अवश्य दें। 4.विदेशी संपत्ति और अन्य आय की भी दें सही जानकारी

यदि आप अपनी आय की जानकारी दे रहे हैं तो फिर चाहे संपत्ति देश में ही हो या फिर विदेश की संपत्ति क्यों न हो। रिटर्न फाइल करते समय सभी जानकारी सही-सही दें। काले धन के रोकथाम के लिए बनाए गए कानून के अनुसार, अगर विदेशी संपत्ति की कोई जानकारी गलत देता है तो फिर उस पर दस लाख का जुर्माना हो सकता है।

5. ई-फाइ¨लग की जरूरत हो, तो उसी से भरें

आयकर विभाग ने टैक्स भरने वालों को खुद से जाकर टैक्स भरने के अलावा ई-फाइ¨लग की भी सुविधा दे रखी है। इसलिए अगर जहां ई-फाइ¨लग की जरूरत हो, वहां पर ई-फाइ¨लग के द्वारा ही अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करें।

Posted By: Jagran