जासं,बठिडा: छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट में एनपीए में की गई कटौती को लेकर पिछले एक महीने से हड़ताल पर चल रहे सरकारी डाक्टरों ने मंगलवार दूसरे दिन भी सरकारी ओपीडी का बायकाट कर फ्री ओपीडी कर अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान सभी डाक्टरों ने ओपीडी ब्लाक में अपने-अपने कमरों में बैठकर केवल पीसीएमएस यूनियन की तरफ से छपवाई पर्ची पर मरीजों का चेकअप किया। पर्ची पर ओपीडी फीस के रूप में लिए जाने वाले 10 रुपये भी नहीं लिए गए। इस दौरान मरीजों को डाक्टरों की तरफ से निश्शुल्क दवा तक प्रदान की गई। इतना ही नहीं नौकरी ज्वाइन करने वाले लोगों के मेडिकल भी किए गए ताकि नौकरी ज्वाइन करने में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी ना आ सके।

दरअसल, पीसीएमएस एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि 30 जुलाई तक सरकारी ओपीडी की जगह फ्री ओपीडी सेवाएं देंगे। ओपीडी ब्लाक में ही सरकार के पैरलल डाक्टरों ने मरीजों का चेकअप किया। इसके अलावा हर तरह के टेस्टों के अलावा महिलाओं का अल्ट्रासाउंड भी किया गया। वहीं एक्सरे सिर्फ इमरजेंसी केसों में किए गए, जबकि आपरेशन करवाने वाले लोगों को लौटना पड़ा। सोमवार को ओपीडी ब्लाक में शुरू हुई डाक्टरों की सेवाओं से लोगों को राहत मिली है। पिछले एक महीने से सुनसान पड़ी ओपीडी में मरीजों की भीड़ देखने को मिली। ओपीडी ब्लाक में बैठे डाक्टरों ने सुबह नौ से लेकर दोपहर दो बजे तक 400 के करीब मरीजों का चेकअप किया। वहीं चिल्ड्रन अस्पताल में 200 से अधिक मरीजों का चेकअप किया गया।

पीसीएमएस एसो. के प्रधान डा. जगरूप ने कहा कि सेहतमंत्री ने उनको मांगों के हल के लिए 30 जुलाई तक समय दिया है। तब तक डाक्टर ओपीडी ब्लाक में ही अपने कमरों में एसोसिएशन की पर्ची पर मरीजों को देखेंगे। अगर 30 जुलाई को समाधान नहीं हुआ तो उसके बाद स्टेट कमेटी के फैसले के अनुसार आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

Edited By: Jagran