जागरण संवाददाता, बठिडा : गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर शुरू होने वाले करतारपुर कॉरिडोर के लिए जिले से पहले दिन किसी ने भी अप्लाई नहीं किया। जबकि पंजाब सरकार द्वारा एक नवंबर से इसकी रजिस्ट्रेशन को सेवा केंद्रों में शुरू कर दिया गया है। इसके साथ श्रद्धालु कॉरिडोर के जरिए करतारपुर साहिब आसानी से जा सकेंगे। हालांकि यात्रियों को वीजा नहीं लेना होगा, लेकिन पासपोर्ट जरूर दिखाना होगा। इसको लेकर सेवा केंद्रों में नोटिस चिपकाया गया है कि रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त है तो दूसरी तरफ लिखा है कि रजिस्ट्रेशन फार्म भरवाने की फीस 20 रुपये लगेगी। अगर श्रद्धालु खुद फार्म भरता है तो उससे कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन नंबर 8283842323 भी जारी किया है। इन बातों का रखें ध्यान

श्रद्धालु के लिए पासपोर्ट जरूरी है, वीजा नहीं। कम से कम महीना पहले रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आवेदन के समय पासपोर्ट के अलावा आधार कार्ड और पेन कार्ड की जानकारी भी मांगी जाएगी। बेशक पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने अब पासपोर्ट को जरूरी नहीं किया है। लेकिन इस समय जो सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, उसमें पासपोर्ट मांग रहा है। इसको अपडेट होने में अभी समय लगेगा। इसके अलावा अगर कोई शादिशुदा है और उसकी पत्नी का पासपोर्ट नहीं बना तो वह भी जा नहीं सकेंगे। मगर सेवा केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि इसमें बदलाव किया जा रहा है, जिसके बाद अगर पति का पासपोर्ट है और पत्नी के पास नहीं है तो वह अपनी पत्नी के किसी भी मान्य कागजात को दिखा सकते हैं।

ये चीजें न लेकर जाएं

वाई-फाई ब्रॉड बैंड उपकरण, शराब, आग्नेयास्त्र, गोला बारूद, विस्फोटक पदार्थ, मादक पदार्थ, चाकू, ब्लेड, जाली नोट, मोहर और सिक्के, भारत और पाकिस्तान का गलत मैप और साहित्य ले जाने पर मनाही है। एंट्री फीस 20 डॉलर

गुरुद्वारा साहिब के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं से पाकिस्तान 20 डॉलर फीस लेगा। यानी हर यात्री को करीब 1500 रुपये फीस चुकानी होगी। करतारपुर साहिब तक जाने का यह कॉरिडोर सुबह से शाम तक खुला रहेगा, यात्रियों को उसी दिन लौटना होगा। रोज करीब पांच हजार श्रद्धालु जा सकेंगे। रामपुरा हलके के लिए मलूका देंगे पैसे

शिरोमणि अकाली दल किसान विग के राष्ट्रीय प्रधान व पूर्व कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने रामपुरा फूल विधानसभा हलके के लोगों के लिए खास ऐलान किया है। उनका कहना है कि करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले जो सिख श्रद्धालु 20 डॉलर की फीस नहीं भर सकते वह उनके लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करेंगे। उन्होंने बताया कि करतारपुर साहिब के दर्शन सिख श्रद्धालुओं के लिए काफी अहमियत रखते हैं। जबकि हर पार्टी के नेताओं को चाहिए कि वह अपने-अपने हलके से करतारपुर के दर्शन के लिए जाने वाले गरीब लोगों की फीस की जिम्मेवारी लें ताकि वह भी अपने गुरु के दर्शन कर सकें।

Posted By: Jagran

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