पिता ने सगी बेटी से कई सालों तक किया दुष्कर्म, 15 साल की नाबालिग ने बच्ची को दिया जन्म; बठिंडा में रिश्ते तार-तार
बठिंडा में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 15 वर्षीय नाबालिग ने अपने पिता के कथित यौन शोषण के बाद एक बच्ची को जन्म दिया।
-1791668409325_m.webp)
पिता ने सगी बेटी से किया दुष्कर्म, नाबालिग ने बच्ची को दिया जन्म। सांकेतिक फोटो
HighLights
बठिंडा में नाबालिग बेटी ने बच्ची को जन्म दिया।
पिता पर यौन शोषण और दुष्कर्म का आरोप लगा।
आरोपी पिता गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। जिस पिता को बेटियों की ढाल और सबसे बड़ा सहारा माना जाता है, यदि उसी पर अपनी नाबालिग बेटी की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लग जाएं तो यह रिश्तों को झकझोर देने वाली घटना बन जाती है। बठिंडा में सामने आए ऐसे ही एक मामले में 15 वर्षीय नाबालिग ने सिविल अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया है।
आरोप है कि मां की मौत के बाद उसके पिता ने ही उसका यौन शोषण किया। पुलिस ने मामले में आरोपित पिता के खिलाफ पोक्सो एक्ट और दुष्कर्म से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि नाबालिग की मां को दुनिया से विदा हुए तीन साल बीत चुके थे। मां के जाने के बाद बेटियों को जिस पिता से सहारे और सुरक्षा की उम्मीद थी, उसी पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता अपनी 20 वर्षीय नेत्रहीन बड़ी बहन के साथ रहती थी।
पड़ोसन की सूझबूझ से सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, आरोपित पिता दोनों बहनों को घर में बंद करके बाहर से ताला लगाकर चला जाता था। इस कारण उनका बाहरी लोगों से मेलजोल भी सीमित था। करीब 10 से 12 दिन पहले जब 15 वर्षीय लड़की घर के पास एक दुकान से सामान लेने गई तो पड़ोस में रहने वाली एक महिला की नजर उसके बढ़े हुए पेट पर पड़ी।
महिला को संदेह हुआ तो उसने लड़की से प्यार से बातचीत की। इस दौरान लड़की भावुक होकर रोने लगी और उसने अपने साथ हुई कथित घटना के बारे में बताया। महिला ने मामले को नजरअंदाज करने के बजाय मदद के लिए आगे आने का फैसला किया।
संस्था और पुलिस ने दोनों बहनों को सुरक्षित निकाला
महिला ने इस मामले की जानकारी ‘जस्टिस फॉर ऑल ऑर्गेनाइजेशन’ को दी। संस्था के प्रधान हरि ओम ठाकुर और कार्यकर्ताओं ने पुलिस तथा बाल कल्याण विभाग के साथ तालमेल करके दोनों बहनों को सुरक्षित बाहर निकलवाया।
नाबालिग लड़की को बठिंडा के सरकारी अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती करवाया गया। मेडिकल जांच के दौरान उसके आठ महीने से अधिक समय की गर्भवती होने की बात सामने आई। बाद में उसने अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया।
रिश्तेदारों ने भी नहीं ली जिम्मेदारी
संस्था के प्रधान के अनुसार, बच्ची के जन्म के बाद परिवार के रिश्तेदारों से संपर्क करके दोनों बहनों और नवजात बच्ची की देखभाल की जिम्मेदारी लेने के बारे में पूछा गया, लेकिन किसी ने भी सहमति नहीं दी।
इसके बाद प्रशासन की मदद से नाबालिग मां और उसकी नवजात बच्ची को नारी निकेतन भेज दिया गया, जबकि उसकी 20 वर्षीय नेत्रहीन बहन को देखभाल के लिए सखी सेंटर सुरक्षा गृह में रखा गया है।
थाना कैनाल कॉलोनी के एसएचओ दलजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर आरोपित पिता के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने की जरूरत को उजागर किया है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि नाबालिग मां, उसकी नवजात बच्ची और उसकी नेत्रहीन बहन को सुरक्षित माहौल, जरूरी देखभाल और भविष्य के लिए सहारा मिल सके।
