जागरण संवाददाता, बठिडा: गेहूं की खरीद शुरू हुए को 20 दिन से अधिक हो गए हैं। जहां बारदाने की कमी अभी भी बनी होने की स्थिति के चलते गेहूं की खरीद सुस्त है, वहीं लिफ्टिग की स्थिति भी बहुत धीमी है। लिफ्टिग की यह स्थिति देहात के खरीद केंद्रों पर ज्यादा खराब है। बठिडा जिले में बीते शुक्रवार की शाम तक 7.44 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी थी। जिसमें से 7.11 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी हो चुकी है। लेकिन इसमें से लिफ्टिग मात्र 4.66 लाख मीट्रिक टन ही हुई है। जिले भर की मंडियों व खरीद केंद्रों पर 2.45 लाख मीट्रिक टन गेहूं अभी भी लिफ्टिग के इंतजार में पड़ा है।

बठिडा से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव कोटशमीर के खरीद केंद्र पर बोरियों के अंबार लगे हुए हैं। कोटशमीर की अनाज मंडी में बैठे किसानों और मजदूरों के अनुसार पिछले करीब 15 दिनों से माल नहीं उठ रहा है। अनाज मंडी के साथ ही सटे हुए खेल स्टेडियम को दिखाते हुए मजदूरों ने बताया कि यह माल पिछले 15 पंद्रह दिनों से यूं ही बोरियों में भरा पड़ा है।

72 घंटे में नहीं उठ पा रहा है माल

जिले के फूड सप्लाई कंट्रोलर का दावा है कि खरीद होने के बाद 72 घंटे के बीच में माल उठाना होता है, जबकि वास्तव में 72 घंटे की खरीद का माल भी 77 फीसद ही उठा है। 33 फीसद गेहूं अभी तक मंडियों में पड़ा है। जिसमें पनग्रेन का 60,913 एमटी, मार्केफड का 23,290 एमटी, पनसप का 31,480 एमटी, पंजाब स्टेट वेयरहाउस कारपोरेशन का 21,080 एमटी तथा एफसीआइ का 3005 मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पड़ा है। जिसे 72 घंटे से ज्यादा समय हो गया है। तेजी से चल रहा है लिफ्टिग का कार्य: काहलों

जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर जसप्रीत सिंह काहलों ने कहा कि लिफ्टिग का कार्य बहुत तेजी के साथ चल रहा है। लेकिन इस बार बहुत तेजी के साथ अराइवल होने के कारण दिक्कत आई है। पिछले साफ के मुकाबले बहुत ज्यादा अराइवल और खरीद हो चुकी है। गांव कोटशमीर की अनाज मंडी में लिफ्टिग की दिक्कत का वह पता करेंगे।

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