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बठिंडा में बारिश के बाद आई फ्लू का प्रकोप, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी; सतर्कता बरतने की अपील

Published: Wed, 12 Aug 2026 01:44 PM (IST)

बठिंडा में बारिश के मौसम में आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) के मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।

बठिंडा में बारिश के मौसम में आई फ्लू के मामले बढ़े (प्रतीकात्मक फोटो)

बठिंडा में बारिश के मौसम में आई फ्लू के मामले बढ़े (प्रतीकात्मक फोटो)

जागरण संवाददाता, बठिंडा। बारिश के मौसम और बदलते मौसम के बीच आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) के मामले बढ़ने लगे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सिविल सर्जन बठिंडा डा. तपिंदरजोत कौशल ने लोगों से आंखों के साथ-साथ हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में आई फ्लू के अलावा वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के लिए भी सावधानी जरूरी है।

सिविल सर्जन ने बताया कि आई फ्लू वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण हो सकता है। आंखों में लालिमा, खुजली, पानी आना, कीचड़ या गंदगी जमा होना, आंखों का चिपकना, पलकों में सूजन और तेज रोशनी सहन न होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

बच्चों में बुखार भी हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर खुद दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि गंदे हाथों से आंखों को न छुएं और साबुन व पानी से बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, रूमाल या अन्य कपड़े साझा न करें। संक्रमण की स्थिति में दूसरे लोगों के सीधे संपर्क से बचें। धूप और धूल से आंखों के बचाव के लिए चश्मे का इस्तेमाल करें।

आंखों की सफाई के लिए उबालकर ठंडा किए गए पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। आसपास सफाई रखने के साथ भीड़भाड़ वाली जगहों और स्विमिंग पूल में जाने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है।

घरेलू नुस्खों और बिना सलाह की आई ड्रॉप से बचें

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी सिंगला ने बताया कि आई फ्लू होने पर आंखों की सफाई के लिए आई वाइप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए और संक्रमण के दौरान कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

उन्होंने लोगों को घरेलू नुस्खे अपनाने और घर में पहले से रखी आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी। किसी भी दवा का इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए।

डॉ. मीनाक्षी सिंगला ने अभिभावकों से अपील की कि आई फ्लू के लक्षण वाले बच्चों को स्कूल न भेजें, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की।