संस, बठिडा: दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में भाना मल ट्रस्ट से विशाल सद्भावना यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सभी युवा सिर पर केसरी पगड़ी और हाथ में तिरंगा और केसरी झंडे पकड़कर शामिल हु।

यात्रा के अग्रिम भाग में भारत माता का विशाल फोटो उठाए हुए युवा साथी चल रहे थे। इस अवसर पर संस्थान की ओर से स्वामी उमेशानंद ने देश प्रेम के विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देशभक्ति किसी के लिए उसके देश के प्रति प्यार और निष्ठा और अपने नागरिकों के साथ गठबंधन और भाईचारे की भावना को प्रकट करता है। यह बिना किसी शर्त के राष्ट्र का सम्मान और समर्थन करता है। देशभक्ति स्वाभाविक रूप से विकसित होती है और ये देश की संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है। देशभक्ति को अपने देश के प्रति प्रेम और वफादारी के द्वारा परिभाषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वार्थी व्यक्ति वह होते हैं जो हमेशा अपने बारे में सोचते हैं और अपने स्वार्थ के आगे सब कुछ भुल जाते हैं। अपने स्वार्थ को हर चीज में और हर किसी से ऊपर रखते हैं। दूसरी ओर देशभक्ति अपने देश के प्रति नि:स्वार्थ प्रेम को दर्शाता है। जो व्यक्ति खुद में ही परेशान रहता है और खुद को ही महत्व देता है, वो कभी एक देशभक्त नहीं हो सकता। इन दिनों बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भी लोगों को स्वार्थी बनाने में अपना बहुत योगदान दिया है। यात्रा के आरंभ में रमन गोयल (मेयर), संदीप गोयल, एडवोकेट मोहनलाल गर्ग, सुदर्शन गुप्ता, चौधरी प्रताप सिंह रमणीक वालिया, संदीप गर्ग आदि विशेष मेहमान शामिल रहे।

Edited By: Jagran