जागरण संवाददाता, बठिडा : ठेका प्रणाली बंद करके स्थायी नियुक्तियां करने तथा ठेका कर्मियों को पक्का करने की मांग को लेकर पावरकॉम, ट्रांसको, जल सप्लाई एवं सेनिटेशन, पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड तथा मनरेगा के ठेका कर्मियों ने काले चोले पहनकर वीरवार को शहर में मोटरसाइकिलों पर रोष मार्च करने के बाद डीसी दफ्तर के समक्ष धरना दिया। धरने में ठेका कर्मचारियों के पारिवारिक सदस्य भी बच्चों समेत मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए राज्य सरकार को जमकर कोसा। रोष प्रदर्शन के बाद डीसी को मांगपत्र भी सौंपा। मोर्चा के नेताओं जगरूप सिंह लहरा, गुरविदर सिंह पन्नू, जगसीर सिंह भंगू, खुशदीप सिंह, सेवक सिंह दंदीवाल, वरिदर सिंह बीबीवाला, संदीप खान, राजेश कुमार मौड़ आदि ने कहा कि कैप्टन सरकार समूह विभागों का ठेका कर्मियों को पक्का करने तथा घर-घर नौकरी देने का वादा करके सत्ता में आई थी। लेकिन सरकार के साढ़े तीन साल निकल गए है, किसी भी विभाग के ठेका कर्मी को पक्का नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने वेलफेयर एक्ट 2016 लागू करने, ठेका कर्मचारियों को उनके विभागों में पक्का करने, वेतन में की जा रही कटौतियां बंद करने, निजीकरण की नीति बंद करने, पावरकॉम से 40 हजार पोस्टें खत्म करने के फैसले को रद्द करने आदि की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 22 अगस्त को पटियाला में राज्य स्तरीय रोष मार्च करने का भी ऐलान किया।

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