जासं, बठिडा : पूर्व पंचायत मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, जिला प्रधान जगदीप सिंह नकई, पूर्व विधायक सरूप चंद सिगला, पूर्व विधायक दर्शन सिंह कोटफत्ता, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन गुरप्रीत सिंह मलूका, अमित रत्तन, जगसीर कल्याणा व बलकार बराड़ की अगुआई में शिअद ने डीसी को मांग पत्र सौंपा। इसके बाद बठिडा प्रेस क्लब में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की।

पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि लुधियाना में खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के नाक तले हजारों क्विंटल नकली बीज बेच कर करोड़ों का बीज घोटाला किया गया है। शिअद देश के अन्नदाता के मामले पर चुप नहीं बैठेगा। इसकी जांच सीबीआइ से कराई जानी चाहिए, क्योंकि स्टेट की पुलिस या किसी एजेंसी से इंसाफ की कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि इस मामले के तार कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि नीले कार्ड रद किए गए, पेंशनें मिल नहीं रही। प्रदेश सरकार द्वारा राजनीतिक बदलाखोरी व नफा नुकसान को देखते हुए लाखों की संख्या में नीले कार्ड रद किए गए। इस कारण जरूरतमंद सरकारी सुविधाओं को लेने से वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि धान की सीधी बिजाई के लिए कम से कम आठ घंटे बिजली सप्लाई यकीनी बनाई जाये।

पूर्व विधायक सरूप चंद सिगला ने कहा कि कांग्रेस की कैबिनेट व मुख्यमंत्री में तालमेल की कमी के कारण प्रदेश के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तालमेल की कमी के कारण ही विकास में रुकावट आ गई है। शिअद सरकार के समय प्रकाश सिंह बादल द्वारा अपने मंत्रियों व विधायकों के अलावा अफसरों से प्रदेश की तरक्की पर लोगों की मुश्किलों के समाधान करने के लिए लगातार बैठकें की जाती थीं।

Posted By: Jagran

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