नितिन सिगला, बठिडा :

कोरोना की दूसरी लहर महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। दूसरी लहर में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्याद संक्रमित हुई है, जबकि पिछले साल आई पहली लहर में बुजुर्ग सबसे ज्यादा शिकार हुए थे। इस साल दूसरी लहर में महिलाएं व युवा भी ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। सेहत विभाग के मुताबिक दूसरी लहर में कुल संक्रमित मरीजों में महिलाओं का 52.5 प्रतिशत है। जिले के आंकड़ों की बात करें तो जनवरी से लेकर जुलाई माह तक महिलाएं 52.5 फीसदी संक्रमित हुई हैं। कुल संक्रमितों में 58.8 फीसदी पुरुष हैं।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुए कुल संक्रमित मरीजों में से 58 प्रतिशत पुरुष हैं जबकि 52 प्रतिशत महिलाएं संक्रमित हुई हैं। सेहत विभाग के अनुसार एक जनवरी से लेकर 31 जुलाई तक करीब 32 हजार 852 लोग कोरोना संक्रमित हुए है, जिसमें 20 हजार 850 पुरुष शामिल है, जबकि 12 हजार महिलाएं कोरोना संक्रमित हुई है। इसके अलावा इस सात माह में 833 लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई है। इसमें सबसे ज्यादा मौतें मई माह 537 में हुई है। इस माह में सबसे ज्यादा 18277 लोगो कोरोना संक्रमित हुए।

24 फीसद तक प्रभावित रहे 30-45 साल के लोग

बेशक अब जिले में संक्रमण की दर पिछले कुछ समय से लगातार कम हो रही है और यह राहत की बात है, लेकिन जिले में दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक संक्रमण 30 से 45 आयु वर्ग को हुआ है। यह वर्ग में 24 प्रतिशत तक संक्रमण से प्रभावित रहा है। इसके बाद 50 से 65 वर्ष की आयु वर्ग के लोग सर्वाधिक संक्रमित हुए और इनका प्रतिशत 18 रहा है। वहीं कोरोना से दम तोड़ने वाले मरीजों की उम्र 50 से 80 के बीच सबसे अधिक रहा।

महिलाओं में आक्सीजन की कमी होना भी संक्रमण का मुख्य कारण

डाक्टरों की मानने को महिलाओं में संक्रमण बढ़ने का कारण वायरस का म्यूटेट होना है। वायरस के स्वभाव में लगातार बदलाव आ रहा है। महिलाओं के अलावा युवा भी ज्यादा संख्या में वायरस की चपेट में आ रहे हैं। वहीं महिलाओं में आक्सीजन की कमी होना भी कोरोना संक्रमण का मुख्य कारण रहा। गर्भवती महिलाओं के केस में यह ज्यादा रहा है। डिलीवरी से पहले या बाद में आक्सीजन की कमी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर आएगी जरूर, इसलिए तीसरी कोरोना लहर में भी बच्चों और महिलाओं के लिए ज्यादा खतरा बताया जा रहा है।

10-19 साल के लोगों पर सात फीसद था संक्रमण दर

सेहत विभाग के अनुसार दूसरी लहर के दौरान संक्रमण 0 से नौ साल के बच्चों में पाया गया है। कुल संक्रमितों में से इस आयु वर्ग के बच्चों में संक्रमण 1.6 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि पहली लहर के दौरान इस आयु वर्ग के बच्चों में संक्रमण बहुत कम था, जबकि दूसरी लहर में 10 से 19 साल के बच्चों का संक्रमण पांच से सात फीसदी था। दूसरी लहर में 0 से नौ साल के बच्चों में मृत्यु का प्रतिशत बहुत कम था। वहीं दूसरी लहर के दौरान 30 से 50 साल की उम्र के लोगों में सर्वाधिक संक्रमण पाया गया। 30 से 39 साल के लोगों का कोरोना मरीजों में हिस्सा 24 प्रतिशत है। जबकि चालीस से पचास साल के लोगों का प्रतिशत 18 रहा है। जबकि मौत के आंकड़ों पर नजर डाले तो 60 से 80 साल की आयु के लोगों की दूसरी लहर के दौरान सर्वाधिक मौतें हुई हैं। जिले में हुई कुल मौतों से से 60 से 70 आयु वर्ग के लोगों के लोगों की मौत का प्रतिशत 25 जबकि 70 से 80 आयु वर्ग के लोगों की मौत का प्रतिशत 24 प्रतिशत रहा है।

पहली लहर में सबसे अधिक उम्र के लोग आए थे चेट में

हालांकि, पहली लहर में सबसे अधिक बुजुर्ग लोगों को चपेट में लिया था तो दूसरी लहर में कम उम्र के लोग भी संक्रमित हुए हैं। आंकड़ों में यह बात भी सामने आई है कि दूसरी लहर में महिलाएं भी अधिक संक्रमित हुई हैं, जोकि अपने आप में बड़ी चिता का विषय है।

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माह 2021 पाजिटिव मौत

जनवरी 395 18

फरवरी 255 7

मार्च 1763 19

अप्रैल 9588 115

मई 18277 537

जून 2234 119

जुलाई 340 19

Edited By: Jagran